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प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के 11 वर्ष पूरे, युवाओं के स्वरोजगार को मिली मजबूती: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

by Business Remedies
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Young entrepreneurs promoting self-employment under the Pradhan Mantri Mudra Yojana

नई दिल्ली,

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के 11 वर्ष पूरे होने पर कहा कि यह योजना देश के युवाओं में स्वरोजगार को बढ़ावा देने में अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हुई है। उन्होंने कहा कि सही अवसर मिलने पर व्यक्ति न केवल आत्मनिर्भर बन सकता है, बल्कि राष्ट्र की प्रगति में भी योगदान दे सकता है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने संदेश में कहा कि आज से ठीक 11 वर्ष पहले शुरू की गई यह योजना लाखों लोगों के जीवन में बदलाव लाने का माध्यम बनी है। उन्होंने बताया कि इस योजना की सफलता यह दर्शाती है कि सरकार द्वारा दी गई आर्थिक सहायता और अवसरों का सही उपयोग कर युवा अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकते हैं। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की शुरुआत 8 अप्रैल 2015 को की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य छोटे उद्यमियों को बिना किसी गारंटी के ऋण उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत अधिकतम 20 लाख रुपये तक का ऋण दिया जाता है, जिसे विभिन्न वित्तीय संस्थानों के माध्यम से प्रदान किया जाता है।

इस योजना के अंतर्गत विनिर्माण, व्यापार और सेवा क्षेत्र के साथ-साथ कृषि से जुड़े कार्यों के लिए भी ऋण दिया जाता है। कोई भी पात्र व्यक्ति, जिसके पास छोटा व्यवसाय शुरू करने के लिए व्यवहारिक योजना हो, इस योजना का लाभ उठा सकता है। ऋण को चार श्रेणियों में बांटा गया है। ‘शिशु’ श्रेणी के अंतर्गत 50 हजार रुपये तक का ऋण दिया जाता है। ‘किशोर’ श्रेणी में 50 हजार रुपये से अधिक और 5 लाख रुपये तक का ऋण शामिल है। ‘तरुण’ श्रेणी में 5 लाख रुपये से अधिक और 10 लाख रुपये तक का ऋण दिया जाता है, जबकि ‘तरुण प्लस’ श्रेणी के अंतर्गत 10 लाख रुपये से अधिक और 20 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। यह योजना विशेष रूप से छोटे व्यवसायों, हस्तशिल्प, पारंपरिक उद्योगों और ग्रामीण क्षेत्रों में आय के स्रोत बढ़ाने में सहायक रही है। ग्रामीण परिवारों के लिए यह योजना आय बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभरी है।

महिला उद्यमियों को भी इस योजना से विशेष लाभ मिला है, क्योंकि इसमें बिना गारंटी के ऋण उपलब्ध कराया जाता है और लंबा वित्तीय इतिहास होना आवश्यक नहीं होता। इससे महिलाएं आसानी से अपने व्यवसाय की शुरुआत कर पा रही हैं। सरकार ने वर्ष 2024-25 में ‘तरुण प्लस’ श्रेणी की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य उन उद्यमियों को प्रोत्साहित करना है, जिन्होंने पहले ‘तरुण’ श्रेणी के अंतर्गत ऋण लिया और समय पर उसका भुगतान किया। इस नई श्रेणी के तहत उन्हें अधिक राशि का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इसके अलावा, ऋण आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। जन समर्थ पोर्टल जैसे डिजिटल माध्यमों के जरिए आवेदक विभिन्न ऋण योजनाओं तक आसानी से पहुंच सकते हैं और उन्हें समय पर राशि प्राप्त हो सके, यह सुनिश्चित किया जा रहा है।



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