Monday, August 10, 2026 |
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चेन्नई में एलपीजी और सीएनजी की कमी से ऑटो चालकों की मुश्किलें बढ़ीं

ईंधन केंद्रों पर लंबी कतारें

by Business Remedies
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Long queues of auto-rickshaws waiting to fill LPG and CNG in Chennai.

चेन्नई,

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण उत्पन्न ईंधन आपूर्ति बाधा अब चेन्नई के परिवहन क्षेत्र को प्रभावित करने लगी है। शहर में हजारों ऑटो-रिक्शा चालक एलपीजी और सीएनजी से चलने वाले वाहनों में ईंधन भरवाने के लिए परेशान हो रहे हैं, जबकि यात्रियों को भी अधिक किराया देना पड़ रहा है।

ऑटो चालकों का कहना है कि हाल के दिनों में गैस की आपूर्ति अनियमित हो गई है, जिसके कारण उन्हें ईंधन केंद्रों पर घंटों तक इंतजार करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर लंबी कतारें लग रही हैं और पर्याप्त गैस उपलब्ध नहीं हो पा रही है। तमिलनाडु ऑटो थोजिलालार्गल सम्मेलन के राज्य कार्यकारी अध्यक्ष एस. बालासुब्रमण्यम के अनुसार मंगलवार को गैस से चलने वाले लगभग 25 प्रतिशत ऑटो-रिक्शा को ईंधन भरवाने का अवसर ही नहीं मिल पाया। उनका कहना है कि यदि आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो यह स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने बताया कि गैस पर चलने वाले ऑटो-रिक्शा का बड़ा हिस्सा अब भी ईंधन के लिए संघर्ष कर रहा है।

ऑटो चालकों ने यह भी बताया कि कमी के साथ-साथ कुछ निजी केंद्रों पर अधिक कीमत वसूलने की समस्या भी बढ़ गई है। एलपीजी की आधिकारिक कीमत 59 रुपए 41 पैसे प्रति किलोग्राम है, लेकिन कई स्थानों पर यह 70 से 80 रुपए प्रति किलोग्राम तक बेची जा रही है। तेल कंपनियों के केंद्रों पर भी कीमत बढ़कर 64 रुपए 51 पैसे प्रति किलोग्राम हो गई है। चालकों का कहना है कि ईंधन लागत बढ़ने के कारण उन्हें किराया थोड़ा बढ़ाना पड़ रहा है, ताकि रोजी-रोटी चल सके। कई चालक जिन्होंने खर्च कम करने के लिए गैस आधारित वाहन अपनाए थे, अब मजबूरी में पेट्रोल का सहारा ले रहे हैं। शहर के एक ऑटो चालक के. राजेश ने बताया कि उन्होंने बेहतर माइलेज और कम लागत के कारण सीएनजी चुना था, लेकिन अब इसकी उपलब्धता बहुत कम हो गई है। इसलिए फिलहाल पेट्रोल का उपयोग करना पड़ रहा है, जिससे उनकी कमाई कम हो गई है। इस स्थिति का असर यात्रियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। कई इलाकों में ऑटो किराया बढ़ गया है। यात्रियों का कहना है कि चेन्नई सेंट्रल से एग्मोर तक का सफर अब पहले की तुलना में लगभग 40 रुपए महंगा हो गया है। वहीं अयनावरम से कोयंबेडु तक का सामान्य 130 रुपए का किराया बढ़कर करीब 180 रुपए तक पहुंच गया है। ईंधन केंद्रों पर इंतजार कर रहे चालकों के अनुसार गैस की आपूर्ति कम मात्रा में पहुंच रही है, जिसके कारण कतारें लगातार लंबी हो रही हैं। कई बार गैस भरवाने में लगभग दो घंटे तक का समय लग जाता है। सुबह जल्दी पहुंचने पर भी यह निश्चित नहीं होता कि गैस उपलब्ध होगी या नहीं।

ईंधन केंद्र संचालकों का कहना है कि कम आपूर्ति के कारण उन्हें भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। लिटिल माउंट क्षेत्र के एक एलपीजी गैस केंद्र के प्रबंधक ने बताया कि आपूर्ति न होने के कारण उनका केंद्र दो दिन तक बंद रहा, जिससे प्रतिदिन लगभग एक लाख रुपए का नुकसान हुआ। उनके अनुसार गैस की कमी के कारण उनके पांच केंद्रों को अस्थायी रूप से बंद रखना पड़ा। माउंट रोड क्षेत्र के एक अन्य एलपीजी केंद्र के प्रबंधक ने बताया कि यदि नई आपूर्ति समय पर नहीं पहुंची तो मौजूदा भंडार समाप्त होने के बाद केंद्र को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि बुधवार रात तक उपलब्ध गैस खत्म हो सकती है।

संघ प्रतिनिधियों का कहना है कि चेन्नई में एलपीजी वितरण केंद्रों की सीमित संख्या भी समस्या को बढ़ा रही है। शहर में लगभग 40 हजार एलपीजी से चलने वाले ऑटो-रिक्शा और करीब 20 हजार सीएनजी से चलने वाले ऑटो-रिक्शा हैं, लेकिन एलपीजी उपलब्ध कराने वाले केंद्रों की संख्या बहुत कम है। सुरक्षा नियमों के अनुसार एलपीजी टैंक लगाने के लिए पेट्रोल और डीजल भंडारण टैंकों से लगभग 500 फुट की दूरी अनिवार्य है। इसी कारण शहर में केवल लगभग 13 ईंधन केंद्र ही एलपीजी टैंक स्थापित कर पाए हैं। हाल के वर्षों में कुछ स्वतंत्र गैस केंद्र खुले हैं, लेकिन बढ़ती मांग को देखते हुए यह संख्या अभी भी पर्याप्त नहीं है।



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