नई दिल्ली,
सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी टेक महिंद्रा ने सोमवार को सोशल मीडिया पर फैल रही बड़े पैमाने पर नौकरी कटौती की खबरों को पूरी तरह से निराधार बताया। कंपनी ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों की संख्या में बड़े स्तर पर कमी करने का कोई प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन नहीं है। कंपनी ने अपने आधिकारिक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि उसे कुछ कॉल प्राप्त हुए और सोशल मीडिया पर ऐसे कई पोस्ट सामने आए, जिनमें यह दावा किया गया कि कंपनी अपने कर्मचारियों की संख्या में बड़ी कटौती करने की योजना बना रही है।
फाइलिंग में कंपनी ने कहा कि इन अटकलों को देखते हुए वह स्वयं स्पष्टीकरण देना आवश्यक समझती है। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को सूचित करते हुए साफ किया कि इस तरह की किसी भी योजना पर विचार नहीं किया जा रहा है और बाजार में फैल रही ऐसी सभी अफवाहों का वह स्पष्ट रूप से खंडन करती है। दरअसल, सोशल मीडिया मंच एक्स पर कुछ पोस्ट तेजी से प्रसारित हो रहे थे, जिनमें दावा किया गया था कि कंपनी लगभग 30,000 कर्मचारियों की नौकरी समाप्त कर सकती है। इन पोस्ट के कारण कर्मचारियों और बाजार में चर्चा तेज हो गई थी। टेक महिंद्रा वर्तमान में दुनिया भर में लगभग 1,50,000 लोगों को रोजगार देती है। कंपनी ने हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट के साथ मिलकर एक नई कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीकी प्रणाली विकसित करने की घोषणा की है। यह मंच दूरसंचार क्षेत्र और बड़े उद्यमों के डेटा आधुनिकीकरण की प्रक्रिया को तेज करने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है।
पिछली तिमाही में भी कंपनी ने स्पष्ट किया था कि बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी की कोई योजना नहीं है। हालांकि, कंपनी अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए कुछ कदम जरूर उठा रही है। इसके तहत स्थिर मूल्य वाले प्रोजेक्ट्स से कर्मचारियों को हटाकर नए प्रोजेक्ट्स में पुनः नियुक्त किया जा रहा है, ताकि संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके। इस बीच एक अंतरराष्ट्रीय निवेश बैंक की हालिया रिपोर्ट में भी कहा गया है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के कारण नौकरियों पर दीर्घकालिक प्रभाव उतना गंभीर नहीं होगा जितना कि कई लोग अनुमान लगा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार कुछ कामों का स्वचालन जरूर होगा, लेकिन अधिकांश कर्मचारी पूरी तरह से बेरोजगार नहीं होंगे। बल्कि समय के साथ वे नई तरह की नौकरियों की ओर स्थानांतरित हो सकते हैं, जिनमें से कई भूमिकाएं अभी अस्तित्व में भी नहीं हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता काम करने के तरीके को बदल सकती है, लेकिन यह पूरी तरह से नौकरियों को समाप्त नहीं करेगी।
दूसरी ओर, वैश्विक तकनीकी उद्योग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता को लेकर बड़े बदलाव भी देखे जा रहे हैं। कई उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि कंप्यूटर आधारित अधिकांश श्वेत-पोश नौकरियों में अगले 12 से 18 महीनों के भीतर स्वचालन बढ़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय तकनीकी कंपनी ओरेकल ने भी अपने कृत्रिम बुद्धिमत्ता डेटा सेंटर विस्तार की योजना के तहत लगभग 20,000 से 30,000 नौकरियों में कटौती की तैयारी की है। वहीं ई-कॉमर्स क्षेत्र की बड़ी कंपनी अमेजन ने हाल ही में कृत्रिम बुद्धिमत्ता पुनर्गठन योजना के तहत करीब 16,000 कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की है।

