घरेलू शेयर बाजार में सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन उतार-चढ़ाव के बीच हल्की बढ़त दर्ज की गई। निवेशकों में सतर्कता बनी रही क्योंकि वैश्विक संकेत कमजोर रहे और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार की तेजी को सीमित रखा। सप्ताह भर के कारोबार में Nifty और Sensex दोनों सूचकांक कई बार ऊपर-नीचे होते रहे, लेकिन अंततः हल्के लाभ के साथ बंद हुए। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार खरीदारी मुख्यतः चुनिंदा बैंकिंग और उपभोक्ता कंपनियों में रही, जबकि सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र ने लगातार तीसरे सप्ताह बाजार पर दबाव बनाए रखा। सूचना प्रौद्योगिकी शेयरों में कमजोरी का कारण वैश्विक मांग को लेकर चिंता और डॉलर आधारित आय में संभावित गिरावट की आशंका बताई जा रही है। निर्यात आधारित कंपनियों में निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया, जिससे पूरे क्षेत्र में बिकवाली हावी रही।
इस बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों ने लगातार दूसरे सप्ताह भी बिकवाली जारी रखी। आंकड़ों के अनुसार उन्होंने इस सप्ताह कुल 637.68 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि विदेशी पूंजी का बाहर जाना निकट अवधि में तेजी को सीमित कर सकता है, हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी से गिरावट नियंत्रित रही। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक संकेत, कच्चे माल की कीमतें और ब्याज दरों की दिशा बाजार की चाल तय करेंगी। फिलहाल निवेशकों को चयनात्मक निवेश और चरणबद्ध रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।

