मुंबई,
भारत को वर्ष 2047 तक ‘Viksit Bharat’ का लक्ष्य हासिल करने के लिए 10 प्रमुख प्राथमिकताओं पर ध्यान देना होगा। एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि भविष्य के अनुरूप कार्यबल तैयार करना, विनिर्माण प्रतिस्पर्धा बढ़ाना और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों का विस्तार करना सबसे अहम कदम होंगे। रिपोर्ट के अनुसार सबसे पहला कदम शिक्षा, कौशल और रोजगार के बीच निरंतर व्यवस्था विकसित करना है ताकि युवाओं को सीधे रोजगार के लिए तैयार किया जा सके। इसके लिए प्रशिक्षुता कार्यक्रमों का विस्तार, उन्नत प्रौद्योगिकी क्षमता निर्माण और विनिर्माण, सेवा तथा उभरती तकनीकों में कुशल मानव संसाधन तैयार करना जरूरी बताया गया है।
रिपोर्ट में विनिर्माण क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर पुर्जों का उत्पादन बढ़ाने, आधुनिक औद्योगिक तकनीक अपनाने, कारखानों की उत्पादकता बढ़ाने और निर्यात मानकों के अनुरूप औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने पर जोर दिया गया है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को केवल जीवित रहने की स्थिति से निकालकर विस्तार की दिशा में ले जाने के लिए नकदी प्रवाह आधारित ऋण, क्लस्टर आधारित उत्पादकता कार्यक्रम, डिजिटल अपनाने और संरचित निर्यात सहयोग व्यवस्था विकसित करने की जरूरत बताई गई है ताकि बड़ी आपूर्ति श्रृंखलाओं से इनका सीधा जुड़ाव हो सके।
रिपोर्ट में एकीकृत आधारभूत ढांचा और व्यापार प्रतिस्पर्धा सुधारने के लिए निर्यात विविधीकरण पर भी बल दिया गया है। परिसंपत्ति निर्माण को वास्तविक उत्पादकता में बदलने के लिए बहु परिवहन गलियारे विकसित करने, अंतिम छोर संपर्क सुधारने और औद्योगिक संपर्क मजबूत करने की सलाह दी गई है। साथ ही व्यापार समझौतों का क्षेत्र विशेष रणनीति के साथ उपयोग करने और महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया है।
नीति निर्माताओं से छोटे और मध्यम शहरों को विकास का इंजन बनाने के लिए परिवहन आधारित विकास, नगर वित्त व्यवस्था मजबूत करने, सस्ते आवास बढ़ाने और एकीकृत शहरी क्षेत्र योजना लागू करने का आग्रह किया गया है। रिपोर्ट में असंगठित श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा बढ़ाने, देखभाल अवसंरचना को पेशेवर बनाने और महिला कार्यबल भागीदारी बढ़ाने को व्यापक आर्थिक विकास के लिए आवश्यक बताया गया है।
सार्वजनिक व्यय की गुणवत्ता सुधारने के लिए निजी पूंजी निवेश बढ़ाने, केंद्र-राज्य-नगर स्तर पर राजस्व मजबूत करने और परिणाम आधारित बजट प्रणाली को डिजिटल निगरानी के साथ लागू करने की सिफारिश की गई है। रिपोर्ट के अनुसार भारत ने मजबूत आधार तैयार कर लिया है और अब निवेश को उत्पादकता तथा प्रतिस्पर्धा में बदलने पर ध्यान देना होगा। देश की वृद्धि कुशल मानव संसाधन, मजबूत विनिर्माण क्षमता, सुदृढ़ एमएसएमई, बेहतर आधारभूत ढांचा और भविष्य के लिए तैयार शहरों पर निर्भर करेगी।

