तिरुवनंतपुरम,
केरल विधानसभा में राज्य के वित्त मंत्री के. एन. बालगोपाल ने गुरुवार को एलडीएफ सरकार का लगातार छठा बजट पेश किया। इस वर्ष विधानसभा चुनाव निर्धारित होने के बावजूद सरकार ने परंपरागत लेखानुदान के बजाय पूर्ण बजट प्रस्तुत करने का निर्णय लिया। पिनराई विजयन सरकार के दूसरे कार्यकाल का यह अंतिम बजट सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और समावेशी कल्याण योजनाओं पर केंद्रित है। बजट में छात्रों, श्रमिकों और कमजोर वर्गों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। सबसे प्रमुख घोषणा कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए दुर्घटना बीमा योजना की है। वित्त मंत्री ने बताया कि इस योजना पर प्रतिवर्ष Rs.15करोड़ का व्यय आएगा, जिसकी पूरी व्यवस्था बजट में कर दी गई है।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने कला और विज्ञान संकाय के स्नातक छात्रों के लिए निःशुल्क शिक्षा की घोषणा की है। पहली बार कक्षा 12 के बाद भी राज्य की निःशुल्क शिक्षा व्यवस्था को विस्तारित किया गया है। इससे राज्य के हजारों विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य क्षेत्र को बजट में विशेष प्राथमिकता दी गई है। सरकार ने Medisep 2.0 योजना की घोषणा की है, जो सरकारी कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना का उन्नत संस्करण है और इसे 1 फरवरी से लागू किया जाएगा। इस नई योजना में अधिक लाभ और अधिक अस्पतालों को शामिल किया जाएगा। इसी तर्ज पर पेंशनभोगियों तथा सार्वजनिक उपक्रमों और सहकारी संस्थाओं के कर्मचारियों को भी बीमा कवर प्रदान किया जाएगा।
सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल करते हुए “Life Saver” परियोजना की घोषणा की गई है। इसके अंतर्गत सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को पहले पांच दिनों तक निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। यह सुविधा सरकारी अस्पतालों और चयनित निजी अस्पतालों में दी जाएगी। इसके लिए Rs.15करोड़ का प्रावधान किया गया है। करुण्या स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत शामिल नहीं होने वाले परिवारों के लिए नई स्वास्थ्य बीमा योजना भी घोषित की गई है, जिसके लिए Rs.50करोड़ आवंटित किए गए हैं। आशा कार्यकर्ताओं को भी राहत देते हुए उनके मासिक मानदेय में Rs.1,000 की वृद्धि की घोषणा की गई है।
विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों, विशेषकर धार्मिक अल्पसंख्यकों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने नए कानून के माध्यम से Nativity Card लागू करने की घोषणा की है। धार्मिक और सामुदायिक सौहार्द को बढ़ावा देने के लिए Rs.10करोड़ का प्रावधान किया गया है। समग्र रूप से यह बजट सामाजिक कल्याण आधारित शासन, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और शिक्षा तक व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एलडीएफ सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। चुनावी वर्ष में प्रस्तुत यह बजट सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को आगे बढ़ाने के स्पष्ट संकेत देता है।

