New Delhi,
बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों की Safe Haven Demand के कारण गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गईं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की चेतावनी के बाद वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी, जिसका सीधा असर कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ा।
मजबूत खरीदारी, केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीद और अमेरिकी डॉलर की कमजोरी ने इस तेजी को और बल दिया। घरेलू वायदा बाजार में एमसीएक्स पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना 5.99 प्रतिशत बढ़कर Rs.1,75,885 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। वहीं मार्च डिलीवरी वाली चांदी 4.24 प्रतिशत चढ़कर Rs.4,01,699 प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार करती देखी गई। इस बढ़त के साथ चांदी ने 4 लाख रुपये का महत्वपूर्ण स्तर पार कर लिया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमत 120 डॉलर प्रति औंस के आसपास बनी रही। इस वर्ष अब तक इसमें 60 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की जा चुकी है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आपूर्ति में लगातार बाधाएं और औद्योगिक मांग में मजबूती के कारण चांदी को समर्थन मिल रहा है।
सोने में यह मजबूत तेजी अमेरिकी Federal Reserve की सख्त नीति रुख के बाद आई, जिसमें ब्याज दरों को यथावत रखा गया। इसके साथ ही मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति बढ़ने की खबरों ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर आकर्षित किया। ट्रंप ने ईरान पर अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर वार्ता दोबारा शुरू करने का दबाव बनाया और चेतावनी दी कि इनकार की स्थिति में वाशिंगटन की कार्रवाई और कठोर हो सकती है। अमेरिका में अप्रैल डिलीवरी वाला सोना वायदा 300 डॉलर बढ़कर 5,588.71 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार कर गया, जबकि इससे पहले यह 5,626 डॉलर प्रति औंस का नया सर्वकालिक उच्च स्तर छू चुका था। विश्लेषकों का कहना है कि 5,600 डॉलर के आसपास का पुराना प्रतिरोध स्तर अब मजबूत समर्थन क्षेत्र में बदल गया है, जो मौजूदा तेजी के चरण की मजबूती की पुष्टि करता है।
अमेरिका और उसके प्रमुख सहयोगियों के बीच नए टैरिफ तनाव तथा अमेरिकी सरकार के संभावित शटडाउन की आशंका ने भी Safe Haven Demand को बढ़ाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक वृद्धि में सुस्ती, अमेरिका का ऊंचा ऋण स्तर और डॉलर की संरचनात्मक कमजोरी मध्यम और दीर्घ अवधि में कीमती धातुओं के लिए सकारात्मक संकेत दे रही है। इसके अलावा Federal Reserve की ओर से लंबे समय तक कम ब्याज दरों के संकेत ने बाजार में तरलता की स्थिति को अनुकूल बनाए रखा है। विश्लेषकों का कहना है कि कीमती धातुओं में यदि हल्की गिरावट भी आती है तो उस स्तर पर मजबूत खरीदारी देखने को मिल सकती है।

