Sunday, September 13, 2026 |
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दिसम्बर में थोक महंगाई दर बढ़कर हुई 0.83 प्रतिशत

by Business Remedies
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बिजनेस रेमेडीज/New Delhi (IANS)। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय से बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, थोक कीमतों पर आधारित भारत की महंगाई दर दिसम्बर 2025 में 0.83 प्रतिशत रही। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से विनिर्मित वस्तुओं (manufacturing products) और खनिजों की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण दर्ज की गई है।

दिसम्बर में खाने-पीने की चीजों की थोक कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई, जिसके चलते खाद्य महंगाई दर शून्य प्रतिशत रही। इसका मतलब है कि पिछले साल की तुलना में खाने की चीजें महंगी नहीं हुईं। थोक महंगाई (WPI) में सबसे बड़ा हिस्सा रखने वाले विनिर्मित वस्तुओं के समूह की हिस्सेदारी 64.23 प्रतिशत है, जिसकी कीमतों में दिसम्बर के दौरान 0.41 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

इस समूह के कुल 22 उत्पादों में से 13 उत्पादों की कीमतें बढ़ीं, 8 उत्पादों की कीमतों में गिरावट आई और एक उत्पाद की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ। दिसम्बर में जिन वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई, उनमें मूल धातुएं, रसायन और रासायनिक उत्पाद, वस्त्र और अन्य गैर-धातु खनिज उत्पाद शामिल हैं।

वहीं रबर और प्लास्टिक उत्पाद, खाद्य उत्पाद, कंप्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक सामान, कागज और पेय पदार्थों की कीमतों में गिरावट देखी गई। नवम्बर 2025 में थोक महंगाई दर शून्य से नीचे (-0.32 प्रतिशत) रही थी। इससे पहले अक्टूबर में यह -1.21 प्रतिशत दर्ज की गई थी, जबकि पिछले वर्ष नवम्बर में यह 2.16 प्रतिशत थी।

दिसम्बर 2025 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित खुदरा महंगाई दर 1.33 प्रतिशत रही, जो नवम्बर के 0.71 प्रतिशत से थोड़ी अधिक है। दिसम्बर में Consumer Price Index (CPI) -2.71 प्रतिशत रहा, यानी खाने-पीने की चीजों की कीमतें पिछले साल की तुलना में कम रहीं। यह लगातार सातवां महीना है जब खाद्य महंगाई नकारात्मक बनी हुई है, जिससे आम लोगों के घरेलू बजट को राहत मिली है।

कुल मिलाकर महंगाई को लेकर स्थिति फिलहाल काबू में नजर आ रही है। Reserve Bank of India की मौद्रिक नीति समिति ने पिछले महीने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए महंगाई अनुमान को 2.6 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया था। RBI के Governor Sanjay Malhotra ने बताया कि महंगाई में गिरावट को देखते हुए रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती की गई है, जो अब 5.25 प्रतिशत हो गई है।

उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 8.2 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि और महंगाई में गिरावट ने भारत को एक खास “सुनहरा समय” प्रदान किया है, जहां विकास और स्थिरता दोनों एक साथ आगे बढ़ रहे हैं।



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