बिजनेस रेमेडीज/नई दिल्ली (आईएएनएस)। जीएसटी 2.0 के लागू होने से भारत के दोपहिया वाहन बाजार को बड़ी मजबूती मिली है। वाहन पोर्टल ‘वाहन’ के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर में दोपहिया वाहनों के पंजीकरण 18.5 लाख इकाइयों तक पहुंच गए, जो इस साल का सबसे ऊंचा मासिक आंकड़ा है।
यह तेजी हाल ही में की गई जीएसटी दर में कमी और त्योहारी सीजन की मजबूत मांग के संयुक्त प्रभाव को दर्शाती है, जिससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ा है। उद्योग अधिकारियों के अनुसार, सरकार ने जीएसटी 2.0 के तहत 350 सीसी तक की मोटरसाइकिलों पर जीएसटी दर को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। इस फैसले से कीमतों में कमी आई है और लोगों को दिवाली से पहले वाहन खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया है। सितम्बर में ही भारत के दोपहिया वाहन उद्योग में सुधार के संकेत दिखने लगे थे। उस समय वाहनों की डिलीवरी में 9 प्रतिशत सालाना वृद्धि दर्ज की गई थी और कुल बिक्री 20 लाख के पार चली गई थी। यह वृद्धि त्योहारी खरीदारी और कर कटौती दोनों के कारण हुई थी।
देश की सबसे बड़ी दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी हीरो मोटोकॉर्प की थोक बिक्री 5 प्रतिशत बढक़र 6,47,582 इकाइयों पर पहुंची, जबकि पंजीकरण 19 प्रतिशत बढक़र 3,23,230 इकाइयों तक पहुंच गए। होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (एचएमएसआई) ने 3 प्रतिशत की मामूली वृद्धि के साथ 5,05,000 इकाइयां बेचीं, जबकि टीवीएस मोटर कंपनी की बिक्री 12 प्रतिशत बढक़र 4,13,000 इकाइयों पर पहुंची, जिसमें स्कूटरों की मजबूत मांग का योगदान रहा। बजाज ऑटो की बिक्री 5 प्रतिशत बढक़र 2,73,000 इकाइयों तक पहुंची, वहीं आयशर मोटर्स की रॉयल एनफील्ड ने 43 प्रतिशत की सबसे तेज वृद्धि दर्ज की और 1,13,000 इकाइयों की बिक्री की। विश्लेषकों का कहना है कि त्योहारी सीजन ने मांग को और गति दी है, खासकर सितंबर की शुरुआत में पड़े श्राद्ध काल के बाद। एक विश्लेषक ने कहा, “जीएसटी में कटौती, नए मॉडल लॉन्च और त्योहारी ऑफर्स के संयोजन ने उपभोक्ता भावना को मजबूत किया है।” एक्सिस सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले महीने ऑटो सेक्टर में मिश्रित रुझान देखने को मिले। दोपहिया, तिपहिया और वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में अच्छी वृद्धि हुई, जबकि यात्री कारों की बिक्री में सालाना आधार पर गिरावट आई।

