बिजऩेस रेमेडीज/नई दिल्ली क्रिकेट की व्यापक पहुंच का उपयोग सामाजिक बदलाव लाने के लिए करते हुए, भारत की सबसे भरोसेमंद जीवन बीमा कंपनियों में से एक SBI LIFE Insurance और Board of Control for Cricket in India (BCCI) ने मिलकर ‘Thanks-A-Dot’ पहल के माध्यम से Breast Cancer जागरूकता को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंचाया। इस पहल के तहत, भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मैच में खास गुलाबी जर्सी पहनी, जिस पर ‘थैंक्स-ए-डॉट’ का लोगो बना हुआ था। इस पहल ने दिखाया कि खेल की एकजुट करने वाली शक्ति का उपयोग महिलाओं के स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करने, स्तन की स्वयं-जांच और शीघ्र पहचान के महत्व के बारे में बातचीत को बढ़ावा देने के लिए कैसे किया जा सकता है, जो स्तन कैंसर के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण कदम हैं।
मैच से पहले, एक विशेष प्री-मैच समारोह में SBI LIFE के प्रेसिडेंट और सीडीओ, श्री एम. आनंद, और बीसीसीआई के एक अधिकारी ने SBI LIFE के ब्रांड, कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस और सीएसआर के प्रमुख, रविंद्र शर्मा, और अभिनेत्री व स्तन कैंसर से जंग जीत चुकीं महिमा चौधरी की उपस्थिति में भारतीय महिला टीम की कप्तान और खिलाडय़िों – हरमनप्रीत कौर, प्रतीका रावल, स्नेह राणा, को विशेष रूप से डिजाइन की गई ‘थैंक्स-ए-डॉट’ गुलाबी जर्सी सौंपी। खिलाडय़िों ने यह जर्सी मैच के दौरान पहनी, जो महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति गहरी प्रतिबद्धता का प्रतीक थी।
इस पहल पर टिप्पणी करते हुए, SBI LIFE Insurance के प्रेसिडेंट और मुख्य वितरण अधिकारी, एम. आनंद ने कहा, के एसबीआई लाइफ में, हम सिर्फ जीवन की ही नहीं, बल्कि सपनों और आकांक्षाओं की भी रक्षा करने में विश्वास रखते हैं। ‘थैंक्स-ए-डॉट’ स्तन कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ाने और महिलाओं को उस ज्ञान से सशक्त बनाने का हमारा एक द्धद्गड्डह्म्ह्लद्घद्गद्यह्ल प्रयास है जो जीवन बचा सकता है। हम BCCI और भारतीय महिला क्रिकेट टीम का समर्थन पाकर सम्मानित महसूस कर रहे हैं, जिन्होंने ‘थैंक्स-ए-डॉट’ गुलाबी जर्सी पहनकर इस प्रतिष्ठित वैश्विक मंच पर स्तन कैंसर जागरूकता को बढ़ावा दिया। हम ईमानदारी से उम्मीद करते हैं कि SBI LIFE और BCCI मिलकर भारत और उससे परे लाखों महिलाओं को स्तन स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहा, कि भारत में, Breast Cancer एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है, जिसमें कई मामलों का बहुत देर से पता चलता है, जिससे जागरूकता और शीघ्र पहचान सबसे महत्वपूर्ण हो जाती है।

