Sunday, September 27, 2026 |
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Vedanta ने भारत के हरित विकास की यात्रा को गति प्रदान करते हुए राजस्व का 70 फीसदी हिस्सा ट्रांजिशन Mettals में लगाया

by Business Remedies
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बिजऩेस रेमेडीज/नई दिल्ली क्रिटिकल मिनरल्स, एनर्जी ट्रांजिशन मैटल्स, एनर्जी एवं टेक्नोलॉजी में ग्लोबल लीडर Vedanta Group ने भारत के ऊर्जा रूपान्तरण और ओद्यौगिक विकास को गति प्रदान करने के लिए अपने ट्रांजिशन मैटल्स, ऑयल एंड गैस एवं क्रिटिकल मिनरल्स पोर्टफोलियो के विस्तार की घोषणा की है। Vedanta  की टॉप लाईन का तकरीबन 70 फीसदी हिस्सा ट्रांजिशन मैटल्स से आता है, जो आने वाले कल के उद्योगों के निर्माण में इसकी भूमिका की पुष्टि करता है।
भारत के ऊर्जा रूपान्तरण को बढ़ावा देने के लिए अपने प्रयासों को दोगुना करते हुए वेदांता ने देश भर में क्रिटिकल मिनरल ब्लॉक्स हासिल किए हैं, जिसमें दुर्लभ धातु तत्व, वैनेडियम, ग्रेफाइट और टंग्सटन शामिल हैं। ये संसाधन नए दौर की तकनीकों के लिए जरूरी हैं और स्वच्छ ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में भारत की आत्मनिर्भरता को सशक्त बनाते हैं। कंपनी भारत में निकल की एकमात्र उत्पादक है। निकल और कोबाल्ट, भविष्य के धातु हैं जो स्टीनलैस स्टील, सुपर एलॉयज, लिथियम-आयन बैटरियों, नवीकरणीय ऊर्जा सिस्टम और इलेक्ट्रिक परिवहन के लिए अनिवार्य हैं।
दुनिया की सबसे बड़ी एकीकृत जिक उत्पादक हिंदुस्तान जिंक भारत के ओद्यौगिक एवं हरित विकास को गति प्रदान कर रही है। जिंक का उपयोग गैलवेनाइजेशन से लेकर नेक्स्ट-जनरेशन एनर्जी स्टोरेज बैटरियों तक में होता है, ऐसे में जिंक स्थायी विकास को बढ़ावा देने वाला मुख्य धातु है। कंपनी जिंक, लैड और सिल्वर में अपनी क्षमता को दोगुना करने की योजना बना रही है, जो सोलर, इलेक्ट्रोनिक्स एवं स्वच्छ उर्जा तकनीकों के लिए जरूरी हैं, और इनका उत्पादन एक्सक्लुजिव रूप से हिंदुस्तान जिंक द्वारा किया जाता है। कंपनी जिंक-आधारित बैटरी विकास के लिए साझेदारियां भी कर रही है। इसके पोर्टफोलियो में भारत का पहला लो-कार्बन ‘ग्रीन’ जिंक- इकोजेन शामिल है, तो विश्वस्तरीय औसत की तुलना में लगभग 75 फीसदी कम कार्बन फुटप्रिन्ट उत्पन्न करता है।
इस तरह एलुमिनियम भी स्वच्छ उर्जा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसका उपयोग सोलर पैनल्स, ईवी, ट्रांसमिशन एवं आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर में किया जाता है। Vedanta दुनिया में एलुमिनियम के टॉप उत्पादकों में से एक है, जो अपनी क्षमता को 2.4 एमटीपीए से बढ़ाकर वित्तीय वर्ष 28 तक 3.1 एमटीपीए करने की दिशा में अग्रसर है। भारत के पहले कम कार्बन ‘ग्रीन’ एलुमिनियम प्रोडक्ट्स ब्रांडेड रीस्टोरा एवं रीस्टोरा अल्ट्रा के साथ वेदांता डाउनस्ट्रीम उद्योगों को विकार्बोनीकरण के बेंचमार्क पूरा करने में मदद कर रही है।
Vedanta भारत के एनर्जी मिक्स में अपनी भूमिका को बढ़ाने तथा 2030 तक गैस के योगदान को 15 फीसदी तक पहुंचाने के लक्ष्य में योगदान देने के लिए अपने नैचुरल गैस पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही है। भारत की एकमात्र निजी ऑयल एंड गैस उत्पादक के रूप में वेदांता उर्जा सुरक्षा को सशक्त बनाती है तथा आयातित लिक्विफाईड नैचुरल गैस (एलएनजी) पर निर्भरता कम करती है। नैचुरल गैस देश को जीवाश्म ईंधन से नवीकरणीय उर्जा की ओर रूख करने में मदद कर रही है। वेदांता गु्रप के पास, इसके विश्वस्तरीय संचालन के तहत जाम्बिया में कोंकोला कॉपर माइन्स हैं, यह दुनिया के सबसे प्रचुर कॉपर भंडारों में से एक है। ग्रुप सऊदी अरब में बड़े पैमाने के कॉपर स्मेल्टर के लिए अपनी योजनाओं को आगे बढ़ा रहा है और अपने इंटरनेशनल क्रिटिकल मिनरल्स फुटप्रिन्ट का विस्तार कर रहा है। दशनी नायडू, सीईओ, वेदांता रिसोर्सेज ने कहा किभारत एकमात्र मुख्य अर्थव्यवस्था है जो हरित रूपान्तरण के साथ-साथ निम्न-मध्यम आय से उच्च आय की ओर ब?ने के लिए प्रयासरत है। उर्जा रूपान्तरण वैकल्पिक नहीं, बल्कि अनिवार्य है।
Vedanta भारत की महत्वाकांक्षाओं में योगदान देने के लिए तत्पर है। हमारे टॉपलाईन का तकरीबन 70 फीसदी हिस्सा ट्रांजिशन मैटल्स से आता है तथा एलुमिनियम, जिंक, ऑयल एंड गैस और क्रिटिकल मिनरल्स हमारे पोर्टफोलियो का अभिन्न हिस्सा हैं। ऐसे में हम समावेशी विकास को गति प्रदान करते हुए भारत की नई अर्थव्यवस्था को सक्षम बना रहे हैं। अपने संचालन में ईएसजी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए वेदांता ने अपनी योजनाओं में स्थायित्व को सबसे ज्यादा महत्व दिया है।



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