1. थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित मुद्रास्फीति
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अगस्त 2025 में WPI मुद्रास्फीति: 0.52%
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मुख्य कारण:
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खाद्य उत्पादों और विनिर्मित वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि
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गैर-खाद्य वस्तुएं, अधात्विक खनिज उत्पाद और परिवहन उपकरण महंगे हुए
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ईंधन कीमतें:
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पेट्रोल, डीजल और प्राकृतिक गैस की कीमतें घटीं
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इससे ईंधन मुद्रास्फीति -3.17% रही (नकारात्मक क्षेत्र)
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मासिक तुलना:
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जुलाई 2025 में WPI मुद्रास्फीति -0.58% (दो साल के निचले स्तर पर) थी
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मुख्य कारण: खाद्य पदार्थों की कीमतों में गिरावट
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2. उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित मुद्रास्फीति
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अगस्त 2025 में CPI मुद्रास्फीति: 2.07%
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मुख्य कारण:
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खाद्य पदार्थों की कीमतें गिरने के बावजूद, अन्य वस्तुओं में वृद्धि
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जुलाई 2025 में CPI मुद्रास्फीति 1.61% थी
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खाद्य मुद्रास्फीति:
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अगस्त में -0.69% (सालाना आधार पर)
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ग्रामीण क्षेत्र: -0.70%
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शहरी क्षेत्र: -0.58%
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जुलाई में -1.76% थी
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3. आरबीआई का अनुमान
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2025-26 के लिए CPI मुद्रास्फीति अनुमान: 3.1%
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अनुकूल कारक:
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मानसून की अच्छी स्थिति
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खरीफ फसल की अच्छी बुवाई
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पर्याप्त जलाशय और अनाज के भंडार
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आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा के अनुसार, मुद्रास्फीति नरम रहने की संभावना है।
संक्षिप्त विश्लेषण
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अगस्त 2025 में थोक महंगाई दर थोड़ी बढ़ी (0.52%), लेकिन खुदरा महंगाई दर (CPI) 2.07% पर बनी।
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खाद्य कीमतों में गिरावट ने मुद्रास्फीति को नियंत्रण में रखा।
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ईंधन की सस्ती दरें भी महंगाई को रोकने में मददगार रहीं।
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पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में मुद्रास्फीति अपेक्षाकृत स्थिर रहने की संभावना है, जिससे आम आदमी पर खर्च का बोझ नियंत्रित रहेगा।

