Wednesday, July 1, 2026 |
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IIFL Home Loans ने वर्तमान वित्त वर्ष में दूसरी बार ईसीबी के जरिए जुटाई पूंजी, कंपनी का कुल एयूएम पहुंचा करीब 40,000 करोड़ रुपए

by Business Remedies
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धैर्यवर्धन सिंह राजावत | नई दिल्ली। आईआईएफएल होम लोन्स के कॉरपोरेट कम्युनिकेशन हेड सौरभ मिश्रा ने हाल ही में सोशल मीडिया पर कंपनी द्वारा वर्तमान वित्त वर्ष में दूसरी बार ईसीबी के जरिए पूंजी जुटाने का तथ्य शेयर किए है। पोस्ट के अनुसार इस वित्त वर्ष में आईआईएफएल होम लोन्स द्वारा जुटाया गया दूसरा बाह्य वाणिज्यिक उधार (ईसीबी) है। ऋणदाता कंपनी के पास लगभग 40,000 करोड़ रुपये की प्रबंधनाधीन संपत्तियाँ (एयूएम) हैं। किफायती आवास ऋण, कंपनी के एयूएम में लगभग दो-तिहाई का योगदान करते हैं। पिछले तीन वित्त वर्षों में कंपनी का एयूएम करीब 23 फ़ीसदी के सीएजीआर से बढ़ा है।

पोस्ट के अनुसार आईआईएफएल होम फाइनेंस में 79.59 फीसदी हिस्सेदारी आईआईएफएल फाइनेंस के पास है, जबकि शेष 20.41 फीसदी हिस्सेदारी अबू धाबी निवेश प्राधिकरण (एडीआईए) के पास है। 18 राज्यों में 376 शाखाओं के नेटवर्क के साथ, कंपनी कम सेवा प्राप्त और उभरते हुए भौगोलिक क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिसमें टियर 1 शहरों के उपनगर और टियर 2 से टियर 4 शहर शामिल हैं।

आईआईएफएल होम फाइनेंस लिमिटेड राष्ट्रीय आवास बैंक (एनएचबी) के साथ पंजीकृत एक आवास वित्त कंपनी है। कंपनी को कंपनी अधिनियम, 1956 के तहत निगमित किया गया था और कंपनी ने 2006 में अपना परिचालन शुरू किया था और 2009 में कंपनी ने एनएचबी से पंजीकरण प्रमाणपत्र प्राप्त किया था। कंपनी भारत की अग्रणी किफायती आवास वित्त कंपनियों में से एक है और आईआईएफएल फाइनेंस लिमिटेड की एक सहायक कंपनी है।

गुड़गांव में मुख्यालय वाली यह कंपनी घरों की खरीद, निर्माण और नवीनीकरण के लिए ऋण; व्यावसायिक और व्यक्तिगत ज़रूरतों के लिए एसएमई सुरक्षित ऋण और किफायती आवास के निर्माण में लगे डेवलपर्स को निर्माण वित्त ऋण प्रदान करती है। आईआईएफएल होम फाइनेंस एक तकनीक-संचालित रिटेल-केंद्रित आवास वित्त कंपनी है, जिसका मुख्य ध्यान आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (“ईडब्ल्यूएस”) और निम्न-आय वर्ग (“एलआईजी”) के अंतर्गत पहली बार घर खरीदने वालों को ऋण प्रदान करना है। 30 सितंबर, 2024 तक, कंपनी ने 4,27,048 से अधिक ग्राहकों को सेवा प्रदान की थी।

कंपनी के फोकस राज्यों में दिल्ली एनसीआर, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, राजस्थान, महाराष्ट्र और तमिलनाडु शामिल हैं। एक तकनीक-संचालित आवास वित्त कंपनी के रूप में, कंपनी ग्राहक अनुभव को यथासंभव सहज बनाने का प्रयास करती है। कंपनी का दृष्टिकोण हमेशा डिजिटल रहा है और कंपनी ने आवास ऋणों के पूरे जीवन चक्र, यानी शुरुआत से लेकर समापन तक, कंपनी को पूरी तरह से डिजिटल बना दिया है। कंपनी ने क्लाइंट सर्विस, कलेक्शन, अंडराईटिंग और एसेट क्वालिटी की निगरानी सहित अपनी अन्य सभी व्यावसायिक प्रक्रियाओं में भी तकनीक को अपनाया है। मजबूत आंतरिक डिजिटल क्षमताओं और व्यावसायिक कार्यों में कुशल प्रक्रियाओं के साथ कंपनी बेहतर ग्राहक अनुभव, बेहतर पारदर्शिता और सतत विकास प्रदान कर रही है।
30 सितंबर, 2024 तक कंपनी के हाउसिंग लोन, सिक्योर्ड कमर्शियल लोन और अफोर्डेबल होम फाइनेंस स्कीम में एवरेज टिकट साइज क्रमश: 0.16 करोड़ रुपए, 0.10 करोड़ रुपए और 7.02 करोड़ रुपए था।

कंपनी को क्रिसिल, आईसीआरए और इंडिया रेटिंग्स द्वारा एए (आउटलुक: स्थिर) और ब्रिकवर्क रेटिंग द्वारा बीडब्ल्यूआर एए+ (आउटलुक: नकारात्मक) रेटिंग दी गई है। गौरतलब है कि देश में लोगों की खर्च योग्य आय बढ़ने, आयकर की सीमा बढ़कर 10 लाख होने और प्रॉपर्टी को सुरक्षित व फायदेमंद निवेश मानने जैसे कुछ तथ्य हैं जो होम फाइनेंस के बिजनेस मॉडल को बल प्रदान कर रहे हैं। लंबी अवधि में इस स्थिति का फायदा आईआईएफएल होम लोन्स को मिलने की पूरी-पूरी संभावनाएं हैं।



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