बिजनेस रेमेडीज़/जयपुर। एम्पलॉयर्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान का 37 सदस्यीय दल 10 दिन की जापान यात्रा से जयपुर लौट आया है। लौटने के बाद एन.के. जैन की अध्यक्षता में दल के सभी सदस्यों ने अपने अनुभवों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की है। जिसे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को सौंपा जाएगा।
ईएआर अध्यक्ष एन.के. जैन ने बताया कि जापान भारत का मित्र देश है। जापानी लोग भी भारतीयों के साथ सदैव मित्रता का व्यवहार करते हैं। हमारे व्यावसायिक रिश्तों के लिए दोनों देशों के बीच अपार संभावनाएं हैं। हमने इस यात्रा में खासतौर से इस बात पर फोकस किया था कि तमान प्राकृतिक चुनौतियों के बाद भी एक छोटा देश कैसे विश्व की मजबूत अर्थव्यवस्था के साथ औद्योगिक विकास का उदाहरण बन गया। मेड इन जापान किसी भी मशीन और उपकरण की गुणवत्ता का परिचायक है। हमारे दल ने यात्रा के दौरान ओसाका में आयोजित वल्र्ड एक्सपो-2025 का विजिट किया। जहां पूरी दुनिया की कंपनियां बिजनेस ग्रोथ के लिए एक-दूसरे के साथ एक प्लेटफॉर्म पर नजर आईं। इसके बाद नागोया औद्योगिक नगरी में दुनिया की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी टोयोटा के विश्व प्रसिद्ध म्यूजियम का विजिट किया और उद्योगों के विकास में टीक्यूएम, कायजन व सिक्स सिग्मा का उपयोग कैसे किया जाये, इस पर विस्तृत चर्चा हुई। इनके साथ ही जापान की सोया सॉस, टैक्सटाइल और इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्रियल यूनिट्स का भी विजिट किया गया। ईएआर के दल ने जापान की राजधानी टोक्यो स्थित विभिन्न औद्योगिक उपक्रमों के मालिकों के साथ राजस्थान से व्यापार बढ़ाने के लिए द्विपक्षीय वार्ता भी की। इसमें जापान के उद्योगपति, उच्चायुक्त कार्यालय और प्रसिद्ध भारतीय बिजनेस चैम्बर्स के प्रतिनिधि शामिल हुए। वापसी में एक दिन हांगकांग में प्रसिद्ध भारतीय उद्योगपतियों के साथ लंटाऊ आइलैंड का भी विजिट किया गया। एन.के. जैन का कहना है कि जिस तरह से पीएम मोदी राष्ट्रवाद के साथ देश को विकसित करना चाहते हैं, उसी तरह जापान में भी राष्ट्रवाद के साथ औद्योगिक क्रांति हुई है। हमने भी रिपोर्ट में सरकार से कहा कि देश और प्रदेश में औद्योगिक नीतियों और मेक इन इंडिया और मेक इन राजस्थान के साथ देश और प्रदेश के प्रति सम्मान और समय की प्रतिबद्धता को हम जापानियों से सीख सकते हैं। बिजनेस के साथ हमारे सभी सदस्यों ने जापान की कला संस्कृति और पर्यटन स्थलों का भी आनंद लिया। इसके लिए माउंट फूजी, डिजनीलैंड, बुलेट ट्रेन, नारा डियर पार्क, बैंबू गार्डन, उमेदा स्काई टावर, इम्पीरियल पैलेस की यात्रा के साथ टोक्या, ओसाका, क्योटो और नारा और नागोया के सभी प्रमुख दर्शनीय स्थलों का विजिट भी किया। इस दल में गिन्नी स्पेक्ट्रा के किशन पोद्दार, अनुराग केबल्स एंड कंडक्टर्स के विनय चौरडिया, रेजपावर इंफ्रा के ए.के. जैन, सृष्टि इंफ्रास्ट्रक्चर के विनोद जुनेजा, ईएआर जॉब्स पॉइंट की पूजा गुप्ता, आरएमसी स्विच गियर्स के अशोक अग्रवाल, यूनिक पावर के अशोक शर्मा, डॉट्सटार्क टेक्नोलॉजी की वंशिका जांगिड़, इलेक्ट्रो डाइज एंड टूल्स के हरि जौहरी, हाई फेयर अपैरल्स और परम प्रोडक्ट्स के बी.ड़ी. खंडेलवाल, सिद्धिविनायक की चंद्रकांता जुनेजा, मेवाड़ प्लेसमेंट के महावीर प्रसाद पारीक, सैपलैब्स इंडिया के ऋषभ त्रिपाठी, अरुण एसोसिएट्स के डॉ अरुण कुसुंभीवाल, वॉलफोर्ट फाइनेंशियल सर्विसेज के देव चंद्र हीरावत, ओसवाल इंजीनियर्स के सज्जन सिंह जैन, करेजियस कम्युनिटी फाउंडेशन के विनोद कुमार जेटली, खंडेलवाल पॉलीमर के विशंभर दयाल खंडेलवाल, कैपिलरी इंडिया के संकल्प चौधरी, वर्मा बिल्डर की अक्षा कुसुमबिवाल, एकेडमी ऑफ इंटीरियर डिजाइन की कविता कुसुंबिवाल, त्रिपाठी एडविक फाउंडेशन की श्रद्धा त्रिपाठी, सार्क संगठन के उपाध्यक्ष विनोद जुनेजा जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं।

