बिजऩेस रेमेडीज/जयपुर JECRC University और फाउंडेशन परिसर में दो दिवसीय “Trainspire” प्रोफेशनल डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम संस्थान की वार्षिक छात्र विकास प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा है, जिसमें शिक्षकों को कैंपस रिकू्रटमेंट ट्रेनिंग (सीआरटी) के लिए आवश्यक कौशल, तकनीक और दृष्टिकोण का प्रशिक्षण दिया जाता है।
कार्यक्रम की शुरुआत सीनियर मैनेजमेंट के प्रेरणादायक संबोधन और स्पष्ट अपेक्षाओं के साथ हुई। इस अवसर पर डायरेक्टर्स अमित अग्रवाल और अर्पित अग्रवाल, प्रिंसिपल डॉ. वी. के. चंदना, प्लेसमेंट हैड मुक्त बिहारी, ट्रैनिंग हैड मेजर जनरल टी. के. दास और मुकेश अग्रवाल मंच पर उपस्थित रहे और उन्होंने प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण की दिशा, उद्देश्य और संस्थान के मूल्यों से अवगत कराया।
इस अवसर पर डाइरेक्टर अमित अग्रवाल ने कहा कि, ‘आज JECRC का यह प्रयास न केवल हमारे छात्रों के भविष्य को दिशा दे रहा है, बल्कि अन्य शिक्षण संस्थान भी इससे प्रेरित होकर ऐसे व्यावसायिक विकास कार्यक्रमों को अपना रहे हैं। ‘ट्रांसपायर’ जैसे कार्यक्रम इस बात का प्रमाण हैं कि हम शिक्षा की पारंपरिक सीमाओं से आगे बढक़र भविष्य के लिए तैयार कर रहे हैं। हम छात्रों को सर्वोत्तम देना चाहते हैं — और इसके लिए हम हर मुमकिन कदम उठाने को तैयार हैं।’ कार्यक्रम में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए अनुभवी ट्रैनर्स श्री नवीन थपलियाल और रीता बिष्ट मौजूद रहे। उन्होंने शिक्षकों को सीईआरटी के उन पहलुओं पर गहन जानकारी दी जो आज के प्रतिस्पर्धी माहौल में छात्रों के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। बीते 3 वर्ष का अनुभव साझा करते हुए ट्रेनर नवीन थपलियाल ने एक अहम बात कही कि मैं अब तक पूरे देश के 300 से अधिक कॉलेजों में प्रशिक्षण देने जा चुका हूँ, लेकिन जिस स्तर की प्रोफेशनलिज़्म, तैयारी और सीआरटी का सेटअप मैंने जेसीआरसी में देखा, वह किसी और संस्थान में नहीं देखा। यही चीज जेसीआरसी को देश के अन्य किसी भी संस्थान से अलग करती है। दो दिन के इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षकों को रिज़्यूम राईटिंग , ऑर्ट ऑफ़ ग्रूप डिसकशन , इण्टरव्यूइंग स्कील्स , फ़ेसिंग इंटरव्यूज , और एआइ टूल्स के उपयोग जैसे विषयों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। शिक्षकों को बताया गया कि कैसे छात्रों को साक्षात्कार की वास्तविक स्थितियों के लिए तैयार किया जाए, कैसे उन्हें प्रभावशाली ढंग से अपने विचार व्यक्त करने सिखाए जाएं, और कैसे आधुनिक तकनीक, जैसे एआई , को प्रशिक्षण प्रक्रिया में शामिल कर प्रभाव को बढ़ाया जा सकता है। ट्रेंस्पायर कार्यक्रम पूरी तरह से इंटरैक्टिव और प्रैक्टिकल अप्रोच पर आधारित रहा, जिसमें केस स्टडी, रोल प्ले और अनुभव-साझा करने जैसे माध्यमों का प्रयोग किया गया। इसने न केवल शिक्षकों को नई तकनीकों से परिचित कराया, बल्कि उन्हें छात्रों की सोच और तैयारी के स्तर को बेहतर समझने का अवसर भी दिया। JECRC में ट्रेंस्पायर जैसे कार्यक्रम यह स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि संस्थान केवल प्लेसमेंट परिणामों तक सीमित नहीं है, बल्कि वह छात्रों और शिक्षकों — दोनों के समग्र विकास की दिशा में निरंतर और योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रहा है। यह कार्यक्रम एक बार फिर इस बात का प्रमाण बना कि जेसीआरसी में विकास एक प्रक्रिया है, परंपरा है, और प्रतिबद्धता भी।

