147 Coal Mines की नीलामी: सरकार ने बताया कि वर्ष 2020 से अब तक देश में 147 Coal Mines की नीलामी की जा चुकी है। इनमें 44 नई कंपनियों ने Coal Mine हासिल की हैं। सरकार के अनुसार, यह प्रक्रिया Coal Sector में किए गए व्यापक Reforms का महत्वपूर्ण परिणाम है।
राज्यों को मिलेगा बड़ा आर्थिक लाभ: इन Coal Blocks की नीलामी 9 राज्यों में की गई है। इनसे हर साल करीब ₹47,500 करोड़ का Revenue, लगभग ₹55,000 करोड़ का Capital Investment और करीब 4.9 लाख Jobs पैदा होने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2025-26 में Allocated Commercial Mines से Upfront और Premium Payment के जरिए करीब ₹3,090 करोड़ का Revenue प्राप्त हुआ।
2014 के बाद बदली व्यवस्था: Supreme Court द्वारा 2014 में 204 Coal Blocks का Allocation रद्द किए जाने के बाद Coal Mines के Allocation की प्रक्रिया को Transparent और Rules-based बनाया गया। इसके बाद 18 जून 2020 को Prime Minister Narendra Modi ने Commercial Coal Mine Auctions की शुरुआत की, जिसे Coal Sector में बड़े Structural Reform के रूप में देखा गया।
Coal Production में तेज बढ़ोतरी: Coal Ministry के अनुसार, केवल Commercial Mines से Coal Production वित्त वर्ष 2023-24 में 12.55 Million Tonnes से बढ़कर 2024-25 में 23.51 Million Tonnes हो गया। Captive और Commercial Blocks को मिलाकर 2025-26 में Production करीब 210 Million Tonnes रहा, जो पहली बार 200 Million Tonnes के स्तर को पार कर गया।
Private Players के लिए खुला बाजार: अब Bidding MSTC Platform पर दो चरणों में Online होती है और Bids को Bidders के सामने Live खोला जाता है। End-use Restriction नहीं है और Automatic Route से 100% FDI की अनुमति है। Coal India की Subsidiaries WCL और NCL भी हाल की नीलामी में Private Players के साथ समान शर्तों पर Bidders के रूप में शामिल हुई हैं।

