Board Meeting पर नजर: Tata Sons के Board की अहम बैठक 17 सितंबर को होने की संभावना है। बैठक में कई आपस में जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब RBI ने Tata Sons के Core Investment Company (CIC) के रूप में Registration सरेंडर करने के अनुरोध को खारिज कर दिया है।
Listing का मुद्दा फिर चर्चा में: RBI के फैसले के बाद Tata Sons की संभावित Listing का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में आ गया है। Tata Sons ने कर्ज-मुक्त होने के बाद CIC Registration से बाहर निकलने का अनुरोध किया था, ताकि वह उस Listing requirement से बच सके, जो Upper-Layer Non-Banking Financial Companies पर लागू होती है। RBI के फैसले के बाद कंपनी के सामने Listing की संभावना फिर मजबूत हुई है।
Leadership को लेकर सवाल: संभावित Listing प्रक्रिया के बीच Tata Group में Leadership और Governance को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। Chairman N. Chandrasekaran पहले ही कह चुके हैं कि उनका मौजूदा कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को समाप्त होने के बाद वह एक और कार्यकाल नहीं मांगेंगे। ऐसे में नए Chairman के चयन को लेकर स्पष्टता जरूरी मानी जा रही है।
Trusts के बीच Governance Impasse: Tata Sons में Succession प्रक्रिया Sir Ratan Tata Trust और Sir Dorabji Tata Trust से भी जुड़ी है। दोनों Trusts के पास मिलकर Tata Sons की करीब 66 प्रतिशत हिस्सेदारी है। दोनों को पांच सदस्यीय Selection Committee में तीन सदस्यों को संयुक्त रूप से नामित करना है। लेकिन Sir Ratan Tata Trust में चल रही कानूनी कार्यवाही के कारण Trustee Meetings आयोजित करने में दिक्कत बनी हुई है।
AGM भी हुई प्रभावित: Governance गतिरोध का असर Tata Sons की 18 अगस्त की Annual General Meeting पर भी पड़ा था, जिसे दोनों प्रमुख Trusts द्वारा जरूरी प्रतिनिधि नामित नहीं कर पाने के कारण स्थगित करना पड़ा था।

