Friday, July 31, 2026 |
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रेलवे रोलिंग स्टॉक और ट्रैक्शन एप्लीकेशंस हेतु इलेक्ट्रिकल सिस्टम्स एवं पावर इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों का डिजाइन, विकास, असेंबली और निर्माण करने वाली कंपनी है ‘एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स लिमिटेड’

by Business Remedies
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रेलवे रोलिंग स्टॉक और ट्रैक्शन एप्लीकेशंस हेतु इलेक्ट्रिकल सिस्टम्स एवं पावर इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों का डिजाइन, विकास, असेंबली और निर्माण करने वाली कंपनी है ‘एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स लिमिटेड’
3 अगस्त 2026 तक आईपीओ में आवेदन कर सकते हैं निवेशक
जयपुर | बिजनेस रेमेडीज
हरियाणा के फरिदाबाद ‘एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स लिमिटेड’ रेलवे रोलिंग स्टॉक और ट्रैक्शन एप्लीकेशंस हेतु इलेक्ट्रिकल सिस्टम्स एवं पावर इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों का डिजाइन, विकास, असेंबली और निर्माण करने वाली कंपनी है। कंपनी द्वारा दीर्घकालिक कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं के वित्तपोषण, नए पावर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए अनुसंधान डिजाइन और विकास गतिविधियों में निवेश और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों की पूर्ति हेतु बीएसई और एनएसई मैनबोर्ड पर आईपीओ लाया गया है। इस लेख में कंपनी की कारोबारी गतिविधियों और आउटलुक पर प्रकाश डाला गया है।
यह करती है कंपनी: ‘एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स लिमिटेड’ रेलवे रोलिंग स्टॉक और ट्रैक्शन एप्लीकेशंस हेतु इलेक्ट्रिकल सिस्टम्स एवं पावर इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों का डिजाइन, विकास, असेंबली और निर्माण करने वाली कंपनी है। कंपनी आईजीबीटी कन्वर्टर, सहायक कन्वर्टर, वाहन नियंत्रण इकाई और ड्राइवर डिस्प्ले यूनिट सहित प्रणोदन प्रणालियों के साथ-साथ केबल सुरक्षा और इंटरकनेक्ट उत्पादों का डिजाइन, विकास और निर्माण करती है।
मुख्य बिंदु:
1. थ्री फेस प्रोपलशन इक्विपमेंट के अनुमोदित आपूर्तिकर्ता: एमवीईएल ने स्वदेशी आईजीबीटी आधारित थ्री फेस प्रोपलशन इक्विपमेंट प्रणालियों का डिज़ाइन और विकास किया है और इन्हें चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स (सीएलडब्ल्यू) और अनुसंधान डिज़ाइन और मानक संगठन (आरडीएसओ) द्वारा अनुमोदित किया गया है। इस अनुमोदन के बाद, कंपनी थोक आपूर्तिकर्ता के रूप में निविदाओं में भाग लेने के लिए पात्र है। भारतीय रेलवे द्वारा अपनी उत्पादन इकाइयों के माध्यम से वित्त वर्ष 2026 के दौरान जारी की गई निविदाओं के लिए, एमवीईएल को उक्त निविदाओं के तहत कुल क्रय योग्य मात्रा का लगभग 27 फीसदी का ऑर्डर प्राप्त हुआ है। इस इक्विपमेंट में ट्रैक्शन कन्वर्टर-इन्वर्टर सिस्टम, सहायक कन्वर्टर, वाहन नियंत्रण इकाइयां/ट्रेन नियंत्रण प्रबंधन प्रणाली और ड्राइवर डिस्प्ले इकाइयां शामिल हैं और ये सभी कंपनी द्वारा स्वदेशी रूप से डिज़ाइन और विकसित किए गए हैं।
2. मजबूत इन-हाउस रिसर्च, डिजाइन एवं विकास (आरडीएंडडी) क्षमताएं: एमवीईएल की असेंबलिंग सह विनिर्माण इकाई हरियाणा, भारत (यूनिट 1) में स्थित है और इसके संचालन को फरीदाबाद, हरियाणा में स्थित समर्पित आंतरिक आरडीएंडडी केंद्र द्वारा समर्थित किया जाता है। यूनिट 1 के पास प्रोपलशन इक्विपमेंट निर्माण के लिए आवश्यक सभी वैध पंजीकरण हैं, जिसमें प्रेषण से पहले प्रोपलशन इक्विपमेंट के परीक्षण के लिए एक समर्पित परीक्षण सेटअप स्थापित है और इसे आरडीएसओ द्वारा अनुमोदित किया गया है। यूनिट 1 में 3-फेज प्रणोदन उपकरण के उत्पादन पर विशेष ध्यान देने के साथ, कंपनी केबल सुरक्षा और इंटरकनेक्टेड उत्पादों के विनिर्माण कार्योंे को यूनिट 1 से यूनिट 2 में स्थानांतरित करने की योजना बना रही है, जिसे मौजूदा यूनिट के निकट स्थापित किया जाएगा। एमवीईएल यूनिट 2 में 3 परीक्षण सेटअप स्थापित करने की भी योजना बना रही है, जिससे वार्षिक परीक्षण और प्रेषण क्षमता में वृद्धि होगी। इसके अतिरिक्त, कंपनी कंपोजिट कन्वर्टर, होटल लोड कन्वर्टर और एसी ईएमयूएस/मेनलाइन ईएमयू के लिए आईजीबीटी आधारित थ्री फेज इलेक्ट्रिक सिस्टम के साथ आईजीबीटी आधारित थ्री फेज ड्राइव प्रोपल्शन सिस्टम के निर्माण के लिए अपनी अनुसंधान एवं विकास क्षमताओं का विस्तार भी कर रही है।
महत्वपूर्ण प्रवेश बाधाएं: रेलवे उद्योग में प्रवेश संबंधी कई बाधाएं मौजूद हैं। ये बाधाएं उत्पाद विकास और सुरक्षा अनुमोदनों की कठोर और लंबी प्रक्रिया, प्रौद्योगिकी की जटिलता, लंबे योग्यता चक्र और विक्रेता अनुमोदनों आदि के संयोजन से उत्पन्न होती हैं। अपने ग्राहकों को प्रोपलशन इक्विपमेंट की आपूर्ति करने के लिए, प्रोपलशन इक्विपमेंट की महत्वपूर्ण प्रकृति को देखते हुए, एमवीईएल को प्रत्येक प्रोपलशन उप-प्रणाली के लिए चरण-दर-चरण परीक्षण प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इसके अलावा, सरकार द्वारा ‘मेक इन इंडिया’ पर बढ़ते जोर के कारण विदेशी डिजाइनों और आयात की प्रतिस्पर्धात्मकता कम हो गई है। परिणामस्वरूप, एमवीईएल को अपने प्रोपलशन इक्विपमेंट के लिए स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित प्रौद्योगिकी के कारण देय रॉयल्टी या प्रौद्योगिकी शुल्क के रूप में कोई लागत वहन नहीं करनी पड़ती है। इसलिए, कंपनी को उन आपूर्तिकर्ताओं की तुलना में लागत का अंतर्निहित लाभ प्राप्त होता है जो या तो बहुराष्ट्रीय कंपनियां हैं या प्रणोदन प्रौद्योगिकी की आपूर्ति के लिए अपने विदेशी सहयोगियों पर निर्भर घरेलू कंपनियां हैं।
दृष्टिकोण एवं मूल्यांकन: एमवीईएल भारत के रेल इंफ्रास्ट्रचर के विकास में एक प्रमुख भूमिका निभा रही है। इसका मुख्य कारण 3-फेज प्रोपलशन इक्विपमेंट का स्वदेशी इन-हाउस डिजाइन और विकास है। भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में प्रगति के साथ, प्रोपलशन इक्विपमेंट सहित उन्नत विद्युत रूपांतरण प्रणालियों की आवश्यकता निरंतर बनी रहेगी। यद्यपि कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 में 13 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज किया, फिर भी प्रोपलशन इक्विपमेंट के लिए 922 करोड़ रुपये के मजबूत निष्पादन योग्य ऑर्डर बुक (जून 2026 तक) और सीएलडब्ल्यू से प्राप्त अनुमोदन को देखते हुए, इसमें सुधार की प्रबल संभावना है। इसके अतिरिक्त, भारतीय रेलवे द्वारा प्रोपलशन इक्विपमेंट की 5 वर्षीय खरीद का अनुमान (लगभग 19,797 करोड़ रुपये) कंपनी के लिए उपयुक्त लक्ष्य-आधारित मूल्यांकन प्रतीत होता है। साथ ही, आईपीओ से प्राप्त राशि का उपयोग कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं के लिए किया जाना वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही से बेहतर प्रदर्शन दर्ज करने में सहायक होगा, क्योंकि कंपनी का लक्ष्य प्रोपलशन इक्विपमेंट उत्पादन को वर्तमान में 20 सेट प्रति माह से बढ़ाकर लगभग 50 सेट प्रति माह करना है। अत: एमवीईएल की मजबूत विकास संभावनाओं को देखते हुए निवेशकों को दीर्घकालिक निवेश के लिए इस इश्यू को सब्सक्राइब करने की सलाह देते हैं।
विकास रणनीतियां • कंपनी उत्पाद आधार में विविधता लाना और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं, औद्योगिक एवं वाणिज्यिक विद्युत रूपांतरण प्रणालियों, ऊर्जा भंडारण प्रणालियों, विद्युत गतिशीलता एवं चार्जिंग अवसंरचना जैसे विभिन्न वैश्विक क्षेत्रों और सहक्रियात्मक संभावित अनुप्रयोगों में पैठ बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी भारतीय रेलवे के अंतर्गत नए अवसरों के अनुरूप प्रोपलशन इक्विपमेंट के साथ उपयोग किए जाने वाले नए उत्पादों का विकास और/या अधिग्रहण कर क्रोध पर फोकस करेगी। कंपनी परिचालन लागत को कम करते हुए और परिचालन दक्षता में सुधार करते हुए विनिर्माण क्षमताओं का विस्तार करेगी। कंपनी आने वाले समय में उच्च मूल्य वाले उत्पादों पर ध्यान केंद्रित करेगी और रोलिंग स्टॉक विनिर्माण क्षमताओं में प्रवेश करने के अवसर तलाशेगी।
आईपीओ के संबंध में जानकारी: ‘एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स लिमिटेड’ का आईपीओ बीएसई और एनएसई मैनबोर्ड पर खुल गया है और निवेशक आईपीओ में 3 अगस्त 2026 तक आईपीओ में आवेदन कर सकते हैं। कंपनी द्वारा बुक बिल्ट इश्यू प्रणाली से 5 रुपए फेसवैल्यू के 68,23,528 इक्विटी शेयर 400 से 425 रुपए प्रति शेयर के भाव पर जारी कर 290 करोड़ रुपए जुटाए जा रहे हैं। एसबीआई कैपिटल की रिपोर्ट के अनुसार इस आईपीओ में लंबे समय तक निवेश करने की सलाह दी गई है। कंपनी के आईपीओ का प्रबंधन प्रमुख लीड मैनेजर कंपनी संडई कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है।
नोट: यह लेख निवेश सलाह नहीं है।



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