मुंबई। भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने वॉशिंगटन पोस्ट में प्रकाशित उस रिपोर्ट को पूरी तरह निराधार और गलत बताया है, जिसमें कहा गया था कि एलआईसी के निवेश फैसलों पर बाहरी दबाव डाला जाता है।
एलआईसी ने स्पष्ट किया कि लेख में जिस कथित दस्तावेज या योजना का जिक्र किया गया है, जिसमें अडानी समूह की कंपनियों में निवेश का कोई रोडमैप बताया गया है, ऐसा कोई दस्तावेज कभी तैयार ही नहीं किया गया। कंपनी ने कहा कि एलआईसी अपने निवेश निर्णय पूरी तरह स्वतंत्र रूप से और बोर्ड द्वारा अनुमोदित नीतियों के अनुसार करती है। प्रत्येक निवेश से पहले पूरी जांच और विवेकपूर्ण मूल्यांकन किया जाता है। वित्तीय सेवाओं विभाग या कोई अन्य संस्था इन फैसलों में किसी भी प्रकार की भूमिका नहीं निभाती।
एलआईसी ने कहा कि उसने हमेशा उच्चतम स्तर की सावधानी और पारदर्शिता बनाए रखी है। सभी निवेश फैसले मौजूदा नीतियों, कानूनों और नियामकीय दिशानिर्देशों के अनुरूप लिए जाते हैं ताकि सभी हितधारकों के हित सुरक्षित रहें। कंपनी ने यह भी कहा कि वॉशिंगटन पोस्ट के लेख में लगाए गए आरोप संस्था की विश्वसनीयता, छवि और भारत के मजबूत वित्तीय ढांचे को नुकसान पहुंचाने के इरादे से किए गए प्रतीत होते हैं।

