बिजऩेस रेमेडीज/नई दिल्ली Vedanta Limited ने गृह मंत्रालय के तत्वावधान में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (नेशनल डिस्टर रिस्पॉन्स फोर्स- एनडीआरएफ) के साथ साझेदारी में बेसिक लाईफ सपोर्ट (बीएलएस) ट्रेनिंग प्रोग्राम का लॉन्च किया है। पहले चरण में महिलाओं के समूह के साथ इस प्रशिक्षण की शुरूआत होगी, और बाद में कंपनी के सभी कर्मचारियों तक इसका विस्तार किया जाएगा।
Hindustan Zinc Limited की चेयरपर्सन और Vedanta Limited की नॉन-एक्जक्टिव डायरेक्टर मिस प्रिया अग्रवाल हेब्बर ने उदयपुर स्थित हिंदुस्तान जिंक के राजपुरा दरीबा कॉम्पलेक्स परिसर में तीन दिवसीय प्रोग्राम का उद्घाटन किया। जिसका उद्देश्य जीवनरक्षक क्षमता को बढ़ाना है। इसके तहत वेदांता के विभिन्न कारोबारों- हिंदुस्तान जिक, वेदांता एलुमिनियम, फेकोर, ईएसएल स्टील लिमिटेड, कैयर्न ऑयल एंड गैस, वेदांता पावर और सेसा गोवा की महिला लीडर्स को जरूरी एमरजेन्सी रिस्पॉन्स स्किल्स में प्रशिक्षित किया जाएगा। एनडीआरएफ के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने कई सत्रों का संचालन किया, जिसमें कार्डियोपल्मोनरी रीससिकेशन-सीआरएस, ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफाइब्रिलेटर- एईडी के उपयोग, ब्लीडिंग एंड शॉक मैनेजमेन्ट, मस्कुलोस्केलेटल इंजरी केयर एवं पेशेंट शिफ्टिंग प्रोटोकॉल्स को कवर किया गया। यह पहल ऐसे समय में की गई है जब भारत में कार्डियोवैस्कुलर एमरजेन्सी के मामले चिंताजनक रूप से ब? रहे हैं। हाल ही में हुए एक अध्ययन के मुताबिक हार्ट अटैक के मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है, ज्यादातर मामले युवाओं में देखे जा रहे हैं। इस तरह की एमरजेन्सी के समय में सीपीआर और एईडी कौशल में प्रशिक्षित फर्स्ट रिस्पॉन्डर मरीज का जीवन बचा सकते हैं।
इस पहल के बारे में बात करते हुए मिस प्रिया अग्रवाल हेब्बर, चेयरपर्सन, हिंदुस्तान जिंंक लिमिटेड और नॉन-एक्जक्टिव डायरेक्टर, वेदांता लिमिटेड ने कहा कि Vedanta में सुरक्षा सिर्फ एक पॉलिसी नहीं, बल्कि हमारी अभिव्यक्ति है। इस प्रोग्राम के माध्यम से हम अपने सभी कर्मचारियों को जीवन रक्षक कौशल के साथ सशक्त बनाना चाहते हैं, ताकि वे अपने कार्यस्थल के बाहर भी अपने एवं घर समुदायों में इस कौशल का सदुपयोग कर सकें। महिला लीडर्स से शुरूआत करने के बाद हर प्रतिभागी को समाज में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सक्षम बनाया जाएगा।’’ NDRF के साथ इस साझेदारी के माध्यम से वेदांता जीवन रक्षक हस्तक्षेपों के लिए इन-हाउस क्षमता का निर्माण कर रही है, जिससे न सिर्फ कार्यस्थल पर सुरक्षित संस्कृति का निर्माण होगा बल्कि इसके कर्मचारी रोल मॉडल बनने के लिए प्रेरित होंगे। वे मुश्किल एमरजेन्सी के समय कीमती जिंदगियां बचा सकेंगे। वेदांता में कर्मचारियों और बिजनेस पार्टनर्स की सुरक्षा और कल्याण हमारे लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता है। वेदांता ने कई आधुनिक तकनीकों जैसे एआई-उन्मुख मॉनिटरिंग सिस्टम, ड्रोन, फटीक डिटेक्शन सिस्टम, स्मार्ट हेलमेट, टेली रिमोट ऑपरेशन्स को अपनाया है, जो इसके संचांलन में ओद्यौगिक सुरक्षा में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। वेदांता ग्रुप क्रिटिकल मिनरल्स, ट्रांजिशन मैटल्स, एनर्जी और टेक्नोलॉजी में ग्लोबल लीडर है, इसका संचालन भारत, दक्षिण अफ्रीका, नामिबिया, लाइबेरिया, यूएई, सऊदी अरब, कोरिया, ताईवान और जापान में फैला है। दुनिया में जिंक के सबसे बड़े इंटीग्रेटेड उत्पादक, सिल्वर के चौथे सबसे बड़े विश्वस्तरीय उत्पादक, एलुमिनियम के सर्वोच्च उत्पादकों में से एक होने के नाते Vedanta एनर्जी ट्रांजिशन के लिए जरूरी सामग्री के विश्वस्तरीय आपूर्तिकर्ता की भूमिका निभा रही है।
कंपनी भारत की एकमात्र निजी तेल एवं गैस उत्पादक है तथा सबसे बड़े निजी विद्युत उत्पादकों में से एक है। ग्लोबल ईएसजी चैम्पियन के रूप में वेदांता 2050 या उससे पहले तक नेट-जीरो एमिशन का लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। अपनी बदलावकारी समाज प्रभाव पहलों के माध्यम से कंपनी वंचित क्षेत्रों के तकरीबन 7 मिलियन लोगों के जीवन में सुधार लाई है।

