Friday, August 21, 2026 |
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Bank of Baroda ने भारत सरकार के वित्तीय सेवाएं विभाग के वित्तीय समावेशन संतृप्तिकरण अभियान के तहत नागालैंड में Mega Camp का आयोजन किया

by Business Remedies
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बिजऩेस रेमेडीज/नागालैंड भारत के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में से एक, Bank of Baroda ने आज नागालैंड के चुमुकेदिमा जिले के बड़े गांव में एक वित्तीय समावेशन संतृप्तिकरण शिविर का आयोजन किया। वित्तीय सेवाएं विभाग (डीएफएस), वित्त मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए राष्ट्रव्यापी संतृप्तिकरण अभियान के तहत दिनांक 1 जुलाई से 30 सितंबर, 2025 तक चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य ग्राम पंचायत (जीपी) और शहरी स्थानीय निकाय (यूएलबी) स्तर पर वित्तीय समावेशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का शत-प्रतिशत कवरेज करना है। इस बैठक में लगभग 700 ग्रामीणों द्वारा उत्साहपूर्ण भागीदारी की गई, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय साक्षरता और सुलभ बैंकिंग सेवाओं की बढ़ती जरूरतों पर प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम में नागालैंड सरकार की विधायक और सलाहकार (उद्योग और वाणिज्य) हेकानी जखालू; श्रेयांसी जैन, आईएएस, एसडीओ (सिविल) चुमुकेदिमा जिला; बीना वाहिद, कार्यपालक निदेशक, Bank of Baroda ; सोनाम शेरिंग भूटिया, महाप्रबंधक एवं अंचल प्रमुख, उत्तरपूर्वी राज्य अंचल, गुवाहाटी, Bank of Baroda, गोबिंदा विश्वास, उप महाप्रबंधक (व्यवसाय विकास), उत्तरपूर्वी राज्य अंचल; के. सैमुअल लियानगौसियन, सहायक महाप्रबंधक, भारतीय रिजर्व बैंक, कोहिमा; ओ.पी. मौंगलांग, उप महाप्रबंधक, नाबार्ड, नागालैंड; खोसातो एच कीहो, सचिव, बड़े ग्राम परिषद; विवेक दास, क्षेत्रीय प्रमुख, Bank of Baroda  , जोरहाट क्षेत्र; एसएलबीसी, नागालैंड के प्रतिनिधियों के साथ; भारतीय रिजर्व बैंक और नाबार्ड के अधिकारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
उपस्थित जनमानस को संबोधित करते हुए सुश्री बीना वाहिद, कार्यपालक निदेशक, बैंक ऑफ बड़ौदा ने कहा, कि वित्तीय समावेशन बचत, बीमा और ऋण जैसे आवश्यक टूल्स उपलब्ध कराते हुए आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त करता है। इस तरह की पहल हमारी नीतियों को उन समुदायों से जोड़ती है जिनकी सेवा करने के लिए नीतियों को तैयार किया गया है। हम हर परिवार तक बैंकिंग सेवाओं, सामाजिक सुरक्षा और सरकारी योजनाओं तक सीधी पहुंच सुनिश्चित करते हैं। बड़े गांव में मजबूत भागीदारी औपचारिक बैंकिंग में बढ़ते विश्वास और पूरे नागालैंड में परिवारों को सशक्त बनाने में बैंकिंग की भूमिका को दर्शाती है। कार्यक्रम में लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए स्वीकृति पत्र और चेक प्रदान किए गए। खातों की रि-केवाईसी, पीएमजेडीवाई खाते खोलने और पीएमजेजेबीवाई, पीएमएस-बीवाई और एपीवाई के तहत नामांकन की सुविधा के लिए विधिक स्टॉल लगाई गई। नागरिकों की सहायता करने और वित्तीय उत्पादों के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए व्यवसाय प्रतिनिधि (बीसी) भी उपस्थित रहे। यह विशाल शिविर बैंक ऑफ बड़ौदा की भारत सरकार के समावेशी वित्तीय सशक्तिकरण के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।



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