मुंबई,
आने वाले सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। निवेशकों की नजर Union Budget 2026, अमेरिका के Federal Reserve की बैठक, जारी तिमाही नतीजों और वैश्विक घटनाक्रमों पर रहेगी। इन प्रमुख कारकों के कारण Stock Market Update में सावधानी भरा रुख देखने को मिल सकता है।
पिछला सप्ताह बिकवाली के दबाव और वैश्विक चिंताओं के बीच उतार-चढ़ाव भरा रहा। सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई। मुनाफावसूली, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बनाया। सेंसेक्स 770 अंक यानी 0.94 प्रतिशत गिरकर 81,537.70 पर बंद हुआ, जबकि nifty 241 अंक यानी 0.95 प्रतिशत फिसलकर 25,048.65 पर बंद हुआ। विश्लेषकों के अनुसार निकटतम प्रतिरोध स्तर 25,300 पर है, इसके बाद 25,400 और 25,600 के स्तर महत्वपूर्ण रहेंगे। निचले स्तर पर 24,880 और 24,587 पर समर्थन दिखाई दे रहा है। यदि 24,350 के नीचे गिरावट आती है तो बिकवाली का दबाव और तेज हो सकता है।
आगामी सप्ताह का सबसे बड़ा कारक Union Budget 2026 रहेगा, जिसे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 February को संसद में पेश करेंगी। निवेशक कर ढांचे, सरकारी खर्च, आधारभूत संरचना परियोजनाओं और आर्थिक वृद्धि को प्रोत्साहन देने वाली घोषणाओं पर विशेष ध्यान देंगे। बजट की दिशा और प्राथमिकताएं अल्पकालिक बाजार रुख तय कर सकती हैं। वैश्विक स्तर पर Federal Reserve की 27 January से 28 January तक होने वाली नीति बैठक भी महत्वपूर्ण रहेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि ब्याज दरों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया जाएगा, लेकिन भविष्य की दरों को लेकर दिए गए संकेत वैश्विक निवेश धारणा और पूंजी प्रवाह को प्रभावित कर सकते हैं। इसी के साथ तिमाही नतीजों का दौर भी जारी रहेगा। कई बड़ी कंपनियां वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही के परिणाम घोषित करेंगी, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में शेयरों की चाल प्रभावित हो सकती है।
भारत और अमेरिका के संभावित व्यापार समझौते से जुड़ी प्रगति पर भी बाजार की नजर रहेगी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में कहा कि भारत वैश्विक व्यापार वार्ताओं में सक्रिय रूप से भाग ले रहा है और दोनों देशों के बीच समझौते को लेकर सकारात्मक संकेत मिले हैं। इस बीच सोने और चांदी की कीमतों में तेजी ने भी निवेशकों का ध्यान खींचा है। सोना लगभग 4,967 डॉलर प्रति औंस के स्तर से ऊपर पहुंच गया, जबकि चांदी भी करीब 100 डॉलर प्रति औंस के ऐतिहासिक उच्च स्तर के आसपास पहुंची। कमजोर अमेरिकी डॉलर और भू-राजनीतिक तनावों के कारण कीमती धातुओं की मांग बढ़ी है। कुल मिलाकर आने वाला सप्ताह कई महत्वपूर्ण घटनाओं से भरा रहेगा, जिनके आधार पर बाजार की दिशा तय होगी और निवेशकों को सतर्कता के साथ रणनीति बनानी होगी।

