Tuesday, July 14, 2026 |
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प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के अंतर्गत अब तक 7.83 लाख किलोमीटर की सडक़ों का हुआ निर्माण, 9,891 पुल भी बने

by Business Remedies
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बिजनेस रेमेडीज/नई दिल्ली (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत अब तक 1.83 लाख से अधिक ग्रामीण सडक़ों का निर्माण हो चुका है और इनकी कुल लंबाई 7,83,727 किलोमीटर की है। साथ ही इसमें 9,891 पुलों का निर्माण किया गया है। इससे देश के ग्रामीण इलाकों में कनेक्टिविटी में काफी सुधार हुआ है। यह जानकारी सरकार की ओर से रविवार को दी गई। पीएमजीएसवाई योजना ने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा सुविधाओं तक पहुंच में काफी सुधार किया है, कृषि और गैर-कृषि दोनों क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा किए हैं और किसानों को अपनी उपज के बेहतर मूल्य प्राप्त करने में सक्षम बनाया है। साथ ही, इस योजना ने गरीबी उन्मूलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सरकारी बयान में कहा गया कि अगस्त 2025 तक, ग्रामीण विकास के एक प्रमुख घटक के रूप में पीएमजीएसवाई के तहत 8,38,611 किलोमीटर लंबी कुल 1.91 लाख ग्रामीण सडक़ें और 12,146 पुल स्वीकृत किए गए हैं। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में एकल बारहमासी सडक़ के माध्यम से असंबद्ध बस्तियों को संपर्क प्रदान करना।
हाल के वर्षों में पीएमजीएसवाई के लिए उच्च बजट आवंटन ग्रामीण सडक़ संपर्क को मजबूत करने पर सरकार के फोकस को दर्शाता है। चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए, इस कार्यक्रम को 19,000 करोड़ रुपए का बजट प्राप्त हुआ है, जो ग्रामीण बुनियादी ढांचे में सुधार, बारहमासी सडक़ संपर्क सुनिश्चित करने और गांवों में आर्थिक अवसरों को बढ़ावा देने के लिए सरकार निरंतर समर्थन को दिखाता है। पीएमजीएसवाई ग्रामीण सडक़ निर्माण में स्थानीय, गैर-पारंपरिक और हरित प्रौद्योगिकियों के उपयोग को सक्रिय रूप से बढ़ावा देता है। ग्रामीण सडक़ निर्माण में नई और हरित प्रौद्योगिकियों को अपनाने से लागत कम करने में मदद मिलती है और साथ ही औद्योगिक और नगरपालिका अपशिष्ट का प्रभावी निपटान संभव होता है। यह कई सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को प्राप्त करने में विशेष रूप से गरीबी उन्मूलन से संबंधित लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी योगदान देता है। इस योजना के तहत, अगस्त 2025 तक, नई और हरित प्रौद्योगिकियों का उपयोग करके कुल 1,66,694 किलोमीटर सडक़ लंबाई स्वीकृत की गई है, जिसमें से 1,24,688 किलोमीटर का निर्माण पहले ही हो चुका है।



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