नई दिल्ली,
केंद्र सरकार की मंत्रिमंडल बैठक में देशभर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कुल ₹1,60,504 करोड़ की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। यह बैठक साउथ ब्लॉक में अंतिम रही, क्योंकि अब सरकार अपना कामकाज नए ‘सेवा तीर्थ’ परिसर से संचालित करेगी। रेल, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को इसकी जानकारी दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ‘सेवा तीर्थ’ नामक नए परिसर का उद्घाटन किया। इस परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और मंत्रिमंडल सचिवालय स्थित रहेंगे। सरकार का मानना है कि इससे प्रशासनिक कार्य अधिक सुचारु और आधुनिक ढंग से संचालित होंगे। साउथ ब्लॉक की अंतिम बैठक में रेल मार्ग, राष्ट्रीय राजमार्ग, मेट्रो विस्तार, शहरी सुधार और स्टार्टअप वित्तपोषण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सरकार ने शहरी विकास के नए मॉडल की दिशा में ‘अर्बन चैलेंज फंड’ शुरू करने की मंजूरी दी है, जिसमें केंद्र की ओर से ₹1 लाख करोड़ की सहायता दी जाएगी। यह सहायता परियोजना लागत का 25 प्रतिशत होगी, जबकि कम से कम 50 प्रतिशत राशि बाजार से जुटानी होगी।
रेल नेटवर्क में बड़ा विस्तार
मंत्रिमंडल ने तीन बहु-ट्रैक रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी, जो दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक के 12 जिलों को कवर करेंगी। इन परियोजनाओं की कुल लागत ₹18,509 करोड़ है। इससे भारतीय रेल का मौजूदा नेटवर्क लगभग 389 किलोमीटर तक बढ़ जाएगा और माल व यात्री परिवहन अधिक सुगम होगा। देश के तेजी से बढ़ते नवाचार क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने ‘स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0’ स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस कोष का कुल आकार ₹10,000 करोड़ रखा गया है। इसका उद्देश्य दीर्घकालिक घरेलू निवेश जुटाना और देशभर के नए उद्यमों को मजबूत वित्तीय सहयोग देना है।
राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को भी मंजूरी
आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने महाराष्ट्र में एनएच-160ए के घोटी–त्र्यंबक–मोखाडा–जव्हार–मनोऱ–पालघर खंड के उन्नयन और पुनर्विकास को मंजूरी दी है। 154.635 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर ₹3,320.38 करोड़ खर्च होंगे। तेलंगाना में हैदराबाद-पनजी आर्थिक गलियारे के अंतर्गत गुडेबेलूर से महबूबनगर तक राष्ट्रीय राजमार्ग-167 को चार लेन बनाने के लिए ₹3,175.08 करोड़ स्वीकृत किए गए। इससे माल परिवहन की क्षमता बढ़ेगी, लॉजिस्टिक लागत घटेगी और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति मिलेगी। गुजरात में सड़क संपर्क बेहतर करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग-56 के दो खंडों को चार लेन में अपग्रेड करने हेतु ₹4,583.64 करोड़ की मंजूरी दी गई है। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से व्यापार, परिवहन और रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

