Mumbai,
अमेरिका की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी टेस्ला ने calendar year 2026 की पहली तिमाही में अपने वित्तीय नतीजे जारी किए, जिसमें कंपनी की आय और लाभ दोनों में सालाना आधार पर बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह वृद्धि मुख्य रूप से वाहनों की औसत कीमत में बढ़ोतरी, सेवाओं से आय और फुल सेल्फ ड्राइविंग प्रणाली की सदस्यताओं में तेजी के कारण हुई है। कंपनी के अनुसार, इस तिमाही में कुल आय बढ़कर 22.38 अरब डॉलर हो गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 19.3 अरब डॉलर थी। वहीं, वाहन कारोबार से आय बढ़कर 16.2 अरब डॉलर रही, जो एक साल पहले 13.96 अरब डॉलर थी।
लाभ और नकदी प्रवाह में सुधार
टेस्ला का शुद्ध लाभ बढ़कर 47.7 करोड़ डॉलर रहा, जबकि पिछले वर्ष की पहली तिमाही में यह 40.9 करोड़ डॉलर था। इसके साथ ही कंपनी का मुक्त नकदी प्रवाह बढ़कर 1.44 अरब डॉलर पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में दोगुने से अधिक है। हालांकि, इस तिमाही में कंपनी की कुल वाहन डिलीवरी 3,58,023 रही, जो विश्लेषकों के अनुमान 3,68,000 से कम है। दूसरी ओर, उत्पादन 4,08,386 वाहनों तक पहुंच गया, जो डिलीवरी से काफी अधिक है। इससे संकेत मिलता है कि मांग और आपूर्ति के बीच अंतर बना हुआ है।
एफएसडी सदस्यता में तेज वृद्धि
कंपनी की फुल सेल्फ ड्राइविंग प्रणाली की सक्रिय सदस्यताओं में 51 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हुई है और यह संख्या बढ़कर 12.8 लाख तक पहुंच गई है। यह कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण आय स्रोत बनता जा रहा है। कंपनी के मुख्य वित्त अधिकारी वैभव तनेजा ने बताया कि वर्ष 2026 के शेष समय में नकदी प्रवाह नकारात्मक रह सकता है, क्योंकि कंपनी का पूंजी व्यय बढ़कर 25 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है, जो ऐतिहासिक खर्च की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक है।
नए मॉडल के साथ भारत में विस्तार
टेस्ला ने इसी सप्ताह भारत में अपना नया छह सीटों वाला मॉडल वाई एल पेश किया है। यह एक पारिवारिक इलेक्ट्रिक एसयूवी है, जिसे अधिक स्थान, आराम और बेहतर प्रदर्शन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। कंपनी ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर इसकी ऑनलाइन बुकिंग शुरू कर दी है और जून 2026 से इसकी डिलीवरी शुरू होने की संभावना है। यह मॉडल 23 April 2026 से देश के प्रमुख अनुभव केंद्रों पर आम लोगों के लिए प्रदर्शन हेतु उपलब्ध होगा, जिनमें Mumbai का बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स, Delhi का एरोसिटी और Gurugram शामिल हैं। तीजों की घोषणा के बाद कंपनी के शेयरों में लगभग 4 प्रतिशत की तेजी देखी गई, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है।

