बिजऩेस रेमेडीज/मुंबई
देश में ऊर्जा परिवर्तन का नेतृत्व करने वाली भारत की सबसे बड़ी एकीकृत बिजली कंपनियों में से एक Tata power ने लगातार 20वीं तिमाही में शुद्ध मुनाफे में वृद्धि दर्ज की है। 30 सितंबर, 2024 को समाप्त तिमाही के दौरान कंपनी ने 1,533 करोड़ रुपये की असाधारण आइटम से पहले अपना अब तक का उच्चतम शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 51 प्रतिशत अधिक है। सौर विनिर्माण में तेजी, वितरण में अनुकूल नियामक विकास और व्यवसायों में परिचालन दक्षता के कारण तिमाही के दौरान समेकित एबिट्डा 23 प्रतिशत बढक़र 3,808 करोड़ रुपये हो गया। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही की अवधि के लिए कंपनी ने असाधारण आइटम से पहले अपना अब तक का उच्चतम राजस्व, एबिट्डा और शुद्ध मुनाफा क्रमश: 32,057 करोड़, 7,158 करोड़ और 2,721 करोड़ दर्ज किया।
टाटा पावर के सीईओ और प्रबंध निदेशक डॉ. प्रवीर सिन्हा ने कहा, हमारे उत्पादन, ट्रांसमिशन एवं वितरण तथा नवीकरणीय व्यवसायों में निरंतर विकास की गति देखी जा रही है क्योंकि भारत में बिजली के नए युग में रिकॉर्ड बिजली की मांग और निवेश देखा जा रहा है। हमारे सभी व्यावसायिक क्षेत्रों ने तिमाही के दौरान उल्लेखनीय रूप से अच्छा प्रदर्शन किया है, जिससे लगातार 20वीं तिमाही में शुद्ध मुनाफे में वृद्धि हुई है।
‘Make In India’ दृष्टिकोण के अनुरूप, तमिलनाडु में हमारा 4.3 गीगावॉट सेल-और-मॉड्यूल प्लांट तिमाही के दौरान 2 गीगावॉट सेल उत्पादन लाइन के चालू होने के साथ और मजबूत हो रहा है। सेल प्लांट अगले महीने तक अपनी पूरी क्षमता हासिल कर लेगा। 4.3 गीगावॉट मॉड्यूल प्लांट पहले से ही पूरी तरह से चालू है और हमें सौर विनिर्माण में अग्रणी बना रहा है। हमने इंटर स्टेट और इंट्रा स्टेट दोनों परियोजनाओं में प्रमुख जीत के साथ ट्रांसमिशन व्यवसाय में महत्वपूर्ण प्रगति की है, जो ग्रिड इन्फ्रा को अपग्रेड करने में हमारी मजबूत परियोजना निष्पादन क्षमताओं को प्रदर्शित करता है। ये परियोजनाएं व्यापक पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा उपलब्धता का समर्थन करने के लिए, दूरस्थ नवीकरणीय स्थलों से स्वच्छ ऊर्जा निकालने में मदद करेंगी। हम अपनी अखिल भारतीय उपस्थिति के माध्यम से आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्रों में सौर छतों को व्यापक पैमाने पर अपनाने को मुख्यधारा में ला रहे हैं। हम निजी, सार्वजनिक, अर्ध-सार्वजनिक और फ्लीट चार्जिंग को कवर करते हुए 590 शहरों में ई-मोबिलिटी को भी सशक्त बना रहे हैं।
हम वित्तीय वर्ष के लिए अपने नियोजित कैपेक्स के मामले में अच्छी तरह से ट्रैक पर हैं। 20,000 करोड़ रुपये में से पहली छमाही के दौरान 9,100 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। ट्रांसमिशन, नवीकरणीय ऊर्जा और जलविद्युत परियोजनाओं में हमारा निवेश भारत की ऊर्जा लचीलापन और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
तिमाही के दौरान प्रमुख विकास :
सर्वांगीण विकास प्रदान करना : मुख्य व्यवसाय-उत्पादन, नवीकरणीय, ट्रांसमिशन और वितरण, मजबूत विकास पाइपलाइन और वित्त वर्ष 24 की दूसरी तिमाही की तुलना में शुद्ध मुनाफे में 29 प्रतिशत की वृद्धि से बढ़ावा मिला।
स्वदेशी सौर बुनियादी ढांचे को सशक्त बनाना : तमिलनाडु में 4.3-गीगावॉट सौर सेल और मॉड्यूल विनिर्माण संयंत्र में 2 गीगावॉट सौर सेल लाइन ने वाणिज्यिक उत्पादन शुरू कर दिया है और अगले महीने तक इसे 2 गीगावॉट तक बढ़ाया जाएगा। मॉड्यूल प्लांट ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में प्रति दिन 20,000 मॉड्यूल की अधिकतम क्षमता हासिल कर ली है। विनिर्माण इकाई ने 1,400 करोड़ रुपये से ज्यादा राजस्व, 130 करोड़ रुपये का एबिट्डा व 66 करोड़ से ज्यादा का शुद्ध फायदा दर्ज किया।
पूरे भारत में सौर ऊर्जा को अपनाने में अग्रणी : हमारा रूफटॉप व्यवसाय 684 करोड़ रुपये के एक स्वस्थ ऑर्डर बुक के साथ तिमाही के दौरान 111 मेगावाट क्षमता स्थापित होने के साथ अच्छा रुझान देख रहा है। इस वित्तीय वर्ष में अब तक हमने देश भर में सभी सेगमेंट में 222 मेगावाट रूफटॉप सोलर स्थापित किया है।
छतों पर सोलराइजेशन को बढ़ावा देने वाला हमारा प्रमुख सौर अभियान ‘घर-घर सोलर, टाटा पावर के संग’ प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का पूरक है और इसे राजस्थान, उत्तर प्रदेश, केरल और छत्तीसगढ़ में जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। हम उन भौगोलिक क्षेत्रों में विस्तार करना जारी रख रहे हैं जहां सौर ऊर्जा के दोहन की संभावना अधिक है।
राष्ट्रव्यापी ई-मोबिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण : इस तिमाही में 11,500 से ज्यादा होम चार्जर्स की तैनाती भी देखी गई, जिससे कुल स्थापित आधार 1.15 लाख से अधिक हो गया। टाटा पावर ने 590 शहरों में 5675 प्वाइंट तक पहुंचने वाला सबसे बड़ा सार्वजनिक/अर्ध-सार्वजनिक चार्जिंग नेटवर्क बनाने की अपनी गति जारी रखी है, जिसमें 1100 से अधिक ई-बस चार्ज प्वाइंट शामिल हैं।
हाइड्रोपावर का दोहन त्न टाटा पावर ने भूटान की खोरलोचू 600-मेगावाट हाइड्रो परियोजना में 40त्न इक्विटी हिस्सेदारी के अधिग्रहण की घोषणा की (कुल परियोजना लागत 6900 करोड़ है)। सभी निश्चित समझौते लागू हैं। भिवपुरी में 1,000 मेगावाट की पंप स्टोरेज परियोजना को सीईए की मंजूरी और अन्य सभी वैधानिक मंजूरी मिल गई है। निर्माण कार्य जनवरी 2025 तक शुरू होने की उम्मीद है।
अन्य प्रमुख झलकियां :
पिछले 10 महीनों में चार बड़ी बोलियों के लिए 1,607 सीकेएम जोडक़र 7,100 करोड़ रुपये मूल्य की ट्रांसमिशन में रणनीतिक बोली जीती गई। ट्रांसमिशन पोर्टफोलियो अब 7,049 सीकेएम है। 4,633 सीकेएम परिचालन में, 2,416 सीकेएम निर्माणाधीन।
टाटा पावर ट्रेडिंग कंपनी ने भारत में टिकाऊ कूलिंग-ए-ए-सर्विस समाधान लॉन्च करने के लिए सिंगापुर स्थित केपेल के साथ साझेदारी की। यह व्यवस्था हवाई अड्डों, आईटी पार्कों, एसईजेड, डेटा सेंटर और अन्य औद्योगिक और वाणिज्यिक संपत्तियों जैसे उच्च मांग वाले वातावरण पर ध्यान केंद्रित करेगी।

