बिजऩेस रेमडीज/नई दिल्ली Tata power रीन्युएबल एनर्जी लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व की सब्सिडरी और Tata Power Company Limited (Tata Power) की मैनुफैक्चरिंग शाखा टीपी सोलर लिमिटेड ने आज घोषणा की है कि इसने अपने तमिलनाडु प्लांट में 4 गीगावॉट सोलर मोड्युल मैनुफैक्चरिंग का आंकड़ा पार कर लिया है। प्लांट ने 31 मई 2025 तक कुल 4049 मेगावॉट सोलर मोड्यूल्स और 1441 मेगावॉट सोलर सैल्स का उत्पादन किया है।
उत्पादन का पैमाना बढ़ाने के उद्देश्य के साथ कंपनी ने वित्तीय वर्ष 26 में 3.7 गीगावॉट सोलर सैल आउटपुट और 3.725 गीगावॉट मोड्यूल उत्पादन का लक्ष्य रखा है। अपने इन प्रयासों के साथ कंपनी ने देश के स्वच्छ ऊर्जा रूपान्तरण को समर्थन देने की अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत बना लिया है। यह युनिट डोमेस्टिक कंटेंट रिक्वायरमेन्ट (डीसीआर) नियमों का अनुपालन करते हुए आधुनिक ऑटोमेटेड एवं एआई-उन्मुख तकनीकों के उपयोग द्वारा नेक्स्ट जनरेशन मोनो पीईआरसी (पेसिवेटेड एमिटर और रियर सैल) तथा अडवान्स्ड टॉपकॉन (टनल ऑक्साईड पैसिवेटेड कॉन्टेक्ट) मोड्युल्स बनाने में सक्षम है। इस तरह क्षमता बढ़ाना, आयात पर निर्भरता कम करने और भारत में स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं की तीव्र तैनाती के माध्यम से देश की सोलर आपूर्ति श्रृंखला को सशक्त बनाने के टाटा पावर के लक्ष्यों के अनुरूप है।
यह युनिट पहले से टाटा पावर की ऑर्डर बुक की आवश्यकतानुसार पैनल्स की आपूर्ति कर रही है जिसमें युटिलिटी-स्केल सोलर फार्म, हाइब्रिड एनर्जी पार्क और डिस्ट्रीब्यूटेड रूफटॉप सिस्टम तथा देश भर में कार्यरत मार्की थर्ड पार्टी इंस्टॉलेशन्स शामिल हैं। वित्तीय वर्ष 26 में 4.3 गीगावॉट की निर्धारित क्षमता पूरी तरह से प्राप्त होने की उम्मीद है, ऐसे में प्लांट 2030 तक 500 गीगावॉट गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता हासिल करने के देश के लक्ष्यों को समर्थन प्रदान करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत हैं।
अपनी तकनीकी क्षमता के दायरे से बढक़र तमिलनाडु युनिट को समावेशी एवं सस्टेनेबिलिटी-उन्मुख दृष्टिकोण के लिए भी जाना जाता है। प्लांट के 80 फीसदी से अधिक शॉप फ्लोर कर्मचारी महिलाएं हैं, जो लिंग समावेशन तथा आधुनिक निर्माण में एक समान नौकरियों के सृजन की दिशा में टाटा पावर के फोकस की पुष्टि करता है। प्लांट का निर्माण हरित निर्माण सिद्धान्तों, ऊर्जा-प्रभावी प्रक्रियाओं तथा संसाधनों के प्रति सजग डिजाइन के साथ किया गया है, जो पर्यावरण पर न्यूनतम फुटप्रिन्ट सुनिश्चित करता है। भारत के सबसे बड़े वर्टिकल इंटीग्रेटेड सोलर प्लेयर्स में से एक होने के नाते, टीपी सोलर निर्माण से लेकर इंजीनियिंग, डिप्लॉयमेन्ट एवं डिजिटल एनर्जी सर्विसेज तक- पूर्ण स्वच्छ ऊर्जा मूल्य श्रृंखला में इनोवेशन और पैमाने को बवा दे रहा है। इस 4.3 गीगावॉट युनिट का विस्तार भारत को स्वच्छ ऊर्जा में आत्मनिर्भर बनाने और स्वच्छ ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देने में योगदान देगा। टीपीआरईएल के पास बैंगलुरू में 530 मेगावॉट का सोलर सैल प्लांट और 682 मेगावॉट का सोलर मोड्यूल हैं जो अपनी पूर्ण क्षमता पर काम करते हुए डीसीआर सैल्स एवं मोड्यूल्स उत्पादन को समर्थन देता है।

