बिजनेस रेमेडीज/नई दिल्ली। विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर, भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय के माननीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा मंत्रालय के राज्य मंत्री जयन्त चौधरी ने स्किल इंडिया मिशन के 10 साल पूरे होने पर सप्ताह भर चलने वाले समारोह का शुभारंभ किया। इस यात्रा को ‘कौशल का दशक’ बताते हुए, उन्होंने मिशन के परिवर्तनकारी प्रभाव को दर्शाया और भारत में फ्यूचर ऑफ स्किलिंग के लिए सरकार के रोडमैप की रूपरेखा प्रस्तुत की।
एक दशक के दौरान, स्किलिंग, अप्रेंटिसशिप, एंटरप्रेन्योरशिप, ग्लोबल मोबिलिटी और ट्रेडिशनल ट्रेड में ठोस प्रयासों के माध्यम से, एमएसडीई ने 6 करोड़ से अधिक भारतीयों को अपने और देश के लिए एक उज्जवल भविष्य बनाने के लिए सशक्त बनाया है। चौधरी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि कैसे स्किल इंडिया मिशन ने भारत के युवाओं को देश और विदेश दोनों जगह परिवर्तन की एक शक्ति के रूप में बदल दिया है। उन्होंने कहा कि, “भारतीय कामगार अपनी कड़ी मेहनत और अनुशासन के लिए दुनिया भर में जाने जाते हैं। प्रधानमंत्री ने इस छिपी हुई क्षमता को पहचाना और स्किल इंडिया मिशन के माध्यम से इसे राष्ट्रीय दिशा दी। आज यह नए भारत की एक सशक्त पहचान बन गई है। “उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे कौशल विकास, जो पहले विभिन्न मंत्रालयों में बंटा हुआ था, अब इसे एक समन्वित प्रयास के तहत एकीकृत किया गया है और यह सरकारी विभागों, प्राइवेट सेक्टर और सिविल सोसायटी को एक साथ लाया है। उन्होंने आगे कहा कि, “हमने संमिलन, गुणवत्ता और पैमाने को सुनिश्चित करने के लिए सरकार और संपूर्ण समाज का दृष्टिकोण अपनाया है।
” पिछले एक दशक में, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) जैसी योजनाओं ने 1.64 करोड़ से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया है, जबकि 14,500 से अधिक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को गुणवत्ता, शासन और संबद्धता मानदंडों में सुधार के माध्यम से समर्थन दिया गया है।

