सोमवार को भारतीय stock market में मजबूत सुधार देखने को मिला, जहां शुरुआती गिरावट के बाद बाजार ने तेज वापसी की और दिन के अंत में प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। global स्तर पर ईरान और अमेरिका के बीच संभावित संघर्षविराम की उम्मीद से निवेशकों का भरोसा बढ़ा, जिससे कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर चिंता कम हुई और बाजार sentiment में सुधार आया।
BSE का Sensex करीब 760 अंकों की तेजी के साथ लगभग 74,080 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं NSE का Nifty भी 1.1 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,950 के ऊपर बंद हुआ। पूरे दिन बाजार में व्यापक भागीदारी देखने को मिली, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि निवेशकों का रुझान सकारात्मक बना हुआ है। आज की तेजी में सबसे बड़ा योगदान बैंकिंग क्षेत्र का रहा। Nifty Bank सूचकांक में 2 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। सरकारी बैंकों और निजी बैंकों दोनों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार को मजबूती मिली।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी मजबूती
मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों के शेयरों में भी अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला। ये दोनों वर्ग करीब 1.3 से 1.5 प्रतिशत तक चढ़े, जिससे यह संकेत मिला कि बाजार में केवल बड़े शेयर ही नहीं बल्कि अन्य वर्गों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है। क्षेत्रवार नजर डालें तो सरकारी बैंक और रियल एस्टेट से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में 2 प्रतिशत से अधिक की तेजी रही। इसके अलावा धातु, वाहन और उपभोक्ता उत्पाद से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भी बढ़त दर्ज की गई। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में हल्की बढ़त रही, जबकि मीडिया क्षेत्र लगभग स्थिर रहा।
शुरुआती दबाव के बाद संतुलित रिकवरी
दिन की शुरुआत में geopolitical तनाव के कारण बाजार में दबाव देखा गया था, लेकिन बाद में परिस्थितियों में सुधार के संकेत मिलने पर बाजार ने संतुलित तरीके से रिकवरी की। यह रिकवरी तेज होने के साथ-साथ नियंत्रित भी रही, जो निवेशकों के विश्वास को दर्शाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि वैश्विक परिस्थितियां स्थिर रहती हैं और कच्चे तेल की कीमतों में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं होता, तो आने वाले दिनों में बाजार में यह सकारात्मक रुझान जारी रह सकता है।

