मुंबई,
भारतीय शेयर बाजार में आज सुबह मिश्रित रुख देखने को मिला। व्यापक स्तर पर अधिकतर सेक्टरों में खरीदारी रही, लेकिन आईटी शेयरों में तेज गिरावट के कारण बढ़त सीमित रही। कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े नए बदलावों और ‘SaaSpocalypse’ की चर्चा के बीच आईटी कंपनियों पर दबाव बना रहा। Wall Street से मिले नकारात्मक संकेतों के बाद भारतीय आईटी शेयरों में बिकवाली बढ़ी। हाल ही में एन्थ्रोपिक द्वारा अपने क्लॉड एआई चैटबॉट के लिए कानूनी टूल लॉन्च किए जाने के बाद प्रतिस्पर्धा तेज होने और मार्जिन घटने की आशंका से सॉफ्टवेयर सेवा क्षेत्र प्रभावित हुआ। भारत की कई सॉफ्टवेयर सेवा कंपनियां अमेरिका की कंपनियों को सेवाएं देती हैं, ऐसे में वहां की गिरावट का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ा।
सुबह 9.25 बजे तक Sensex 44 अंक या 0.05 प्रतिशत की बढ़त के साथ 83,783 पर पहुंच गया, जबकि Nifty 51 अंक या 0.20 प्रतिशत बढ़कर 25,778 पर कारोबार करता दिखा। व्यापक सूचकांकों में भी सीमित तेजी रही। Nifty Midcap 100 में 0.04 प्रतिशत और Nifty Smallcap 100 में 0.01 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो आईटी और रियल्टी को छोड़कर सभी प्रमुख सेक्टर हरे निशान में रहे। आईटी इंडेक्स में 5.39 प्रतिशत और रियल्टी में 0.58 प्रतिशत की गिरावट रही। वहीं Nifty ऑटो 1.12 प्रतिशत, मेटल 1.38 प्रतिशत, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 1.05 प्रतिशत तथा ऑयल एंड गैस 1.77 प्रतिशत की बढ़त के साथ प्रमुख लाभ में रहे।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार Nifty के लिए 25,550-25,600 का स्तर तात्कालिक समर्थन क्षेत्र है, जबकि 25,850-25,900 का स्तर प्रतिरोध क्षेत्र माना जा रहा है। उनका कहना है कि अमेरिका-भारत व्यापार समझौते से मिली हालिया तेजी को टिकाए रखना आसान नहीं होगा, क्योंकि मूल्यांकन ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं और स्थायी तेजी के लिए मजबूत बुनियादी समर्थन की जरूरत है। विश्लेषकों ने यह भी कहा कि फरवरी 6 को होने वाली मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दरों में बदलाव की संभावना कम है, जिससे बाजार सीमित दायरे में रह सकता है। गुरुवार को जो तेजी देखी गई थी, वह मुख्य रूप से विदेशी संस्थागत निवेशकों की शॉर्ट कवरिंग के कारण थी। एशियाई बाजारों में चीन का शंघाई इंडेक्स सपाट रहा, शेनझेन 0.88 प्रतिशत गिरा, जापान का निक्केई 0.6 प्रतिशत कमजोर हुआ और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 0.73 प्रतिशत नीचे रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.72 प्रतिशत चढ़ा।
अमेरिकी बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र में मिला-जुला रुख रहा। नैस्डैक 1.43 प्रतिशत फिसला, एस एंड पी 500 में 0.84 प्रतिशत की गिरावट आई और डॉव जोन्स 0.34 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। Feb 3 को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 5,236 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध खरीद की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 1,014 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। बाजार जानकारों का मानना है कि आईटी क्षेत्र में जारी दबाव के बावजूद अन्य निर्यात आधारित क्षेत्रों जैसे वस्त्र, परिधान, रत्न और आभूषण तथा समुद्री उत्पाद प्रसंस्करण में आगे भी हलचल देखी जा सकती है।

