मजबूत रुपये और वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बाद बढ़त के साथ बंद हुआ। दिनभर की अस्थिरता के बावजूद निवेशकों की खरीदारी से बाजार को सहारा मिला।
Sensex और Nifty में बढ़त
कारोबार के अंत में Sensex 185 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि Nifty 22,700 के ऊपर जाकर टिक गया। दिन के दौरान बाजार में कई बार उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन अंतिम समय में आई खरीदारी ने सूचकांकों को ऊपर बनाए रखा। Nifty पर प्रमुख बढ़त दर्ज करने वाले शेयरों में एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, टीसीएस, टाटा कंज्यूमर और विप्रो शामिल रहे। इन कंपनियों में निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी देखने को मिली, जिससे आईटी क्षेत्र में अच्छी तेजी दर्ज हुई। आईटी सूचकांक करीब 2.6 प्रतिशत चढ़ा। वहीं, गिरावट वाले शेयरों में इटरनल, एशियन पेंट्स, आयशर मोटर्स, बजाज ऑटो और सन फार्मा शामिल रहे। इन कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला, जिससे बाजार की तेजी सीमित रही।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में गिरावट
वृहद कंपनियों के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में कमजोरी देखने को मिली। Nifty मिडकैप सूचकांक 0.3 प्रतिशत गिरा, जबकि स्मॉलकैप सूचकांक 0.4 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। क्षेत्रीय स्तर पर आईटी और रियल्टी क्षेत्र में तेजी रही। रियल्टी सूचकांक में करीब 1 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। दूसरी ओर, ऑटो, पीएसयू बैंक, तेल एवं गैस, फार्मा और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं से जुड़े क्षेत्रों में लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। विशेषज्ञों के अनुसार, रुपये की मजबूती ने बाजार को सहारा दिया, लेकिन वैश्विक अनिश्चितता और अलग-अलग क्षेत्रों में बिकवाली के कारण बाजार में अस्थिरता बनी रही। निवेशक अभी भी सतर्क रुख अपनाए हुए हैं, जिससे सीमित दायरे में ही कारोबार देखने को मिल रहा है।

