नई दिल्ली | बीआर न्यूज नेटवर्क
भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर ने अब तक कुल 1.4 अरब डॉलर का फंड जुटाया है, जिसमें से आधी से ज्यादा कैपिटल 2025 के बाद जुटाई गई है। यह जानकारी मंगलवार को जारी रिपोर्ट में दी गई। ट्रैकक्सन टेक्नोलॉजीज की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में 3,557 कंपनियां शामिल हैं, जिनमें से 281 ने फंडिंग जुटाई है और 142 ने इक्विटी निवेश हासिल किया है।
फंडिंग की गतिविधियों में आई तेजी
रिपोर्ट के अनुसार, हाल के वर्षों में फंडिंग की गतिविधियों में तेजी आई है, जिसमें बड़ी राशि वाले सौदों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। फंडिंग के दो सबसे बड़े राउंड सितंबर, 2025 में आईएल जेआईएन इलेक्ट्रॉनिक्स की ओर से जुटाया गया 198 मिलियन डॉलर का प्राइवेट इक्विटी फंड और उसी महीने में टेसॉल्व सेमीकंडक्टर का 150 मिलियन डॉलर का प्राइवेट इक्विटी राउंड था।
ईएमएस सबसे ज्यादा फंडिंग वाला बिजनेस सेगमेंट बना
इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (ईएमएस) सबसे ज्यादा फंडिंग वाला बिजनेस सेगमेंट बनकर उभरा है। इसने वर्ष, 2025 से अब तक 313 मिलियन डॉलर जुटाए हैं, जिसमें पिछले 12 महीनों में जुटाए गए 89 मिलियन डॉलर भी शामिल हैं। इसके बाद एम्बेडेड हार्डवेयर का नंबर आता है, जिसने 2025 से अब तक 51.9 मिलियन डॉलर जुटाए हैं, यह पूरी रकम पिछले 12 महीनों में ही हासिल की गई है।
बेंगलुरु सेमीकंडक्टर कंपनियों के लिए मुख्य केंद्र रहा
रिपोर्ट के अनुसार, निवेशकों का ध्यान खींचने वाले अन्य प्रमुख क्षेत्रों में पावर मैनेजमेंट इंटीग्रेटेड सर्किट और फैबलैस सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग शामिल हैं। सेमीकंडक्टर कंपनियों के लिए बेंगलुरु मुख्य केंद्र बना रहा, जहां 626 कंपनियां हैं, जो कुल इकोसिस्टम का लगभग 18 प्रतिशत है। इस शहर की हिस्सेदारी इस सेक्टर की ओर से अब तक जुटाई गई कुल इक्विटी फंडिंग में लगभग 40 प्रतिशत रही है। नोएडा, गुरुग्राम, कोच्चि और हैदराबाद भी प्रमुख सेमीकंडक्टर क्लस्टर में शामिल रहे।
सेक्टर में 62 अधिग्रहण और 42 आईपीओ हुए
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि वर्ष, 2026 में अब तक इस सेक्टर में 62 अधिग्रहण और 42 इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) हुए हैं। यह डेटा भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी को दिखाता है, क्योंकि देश चिप डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स वैल्यू चेन में अपनी घरेलू क्षमताओं को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स का उत्पादन 2014-15 में लगभग 1.9 लाख करोड़ रुपए से बढक़र 2025-26 में 13.11 लाख करोड़ रुपए हो गया, जबकि इसी दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स का निर्यात लगभग 38,000 करोड़ रुपए से बढक़र 4.24 लाख करोड़ रुपए हो गया। इसी अवधि में मोबाइल फोन का उत्पादन 18,000 करोड़ रुपए से बढक़र 6.27 लाख करोड़ रुपए हो गया, जबकि मोबाइल फोन का निर्यात लगभग 1,500 करोड़ रुपए से बढक़र 2.59 लाख करोड़ रुपए हो गया।
तेजी से विकसित हो रहा सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम
देश में तेजी से सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित हो रहा है। इसमें चिप बनाने वाली फैक्ट्रियों के साथ-साथ उनकी डिजाइनिंग, पैकेजिंग, टेस्टिंग, उपकरण, सप्लाई चेन और उनसे जुड़े दूसरे उद्योगों पर भी फोकस किया जा रहा है। यह जानकारी सेमीकॉन इंडिया-2026 के शुरू होने से पहले जारी की गई सरकारी फैक्टशीट में दी गई, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 17 सितंबर को करेंगे। इस साल सेमीकॉन इंडिया की थीम “सिलिकॉन से सिस्टम तक- पूरा इकोसिस्टम बनाना है।” द्वारका स्थित यशोभूमि में आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में दुनिया की बड़ी चिप कंपनियों के प्रतिनिधि, नीति-निर्माता और निवेशक भी वहां मौजूद होंगे।

