नई दिल्ली/आईएएनएस। SEBI यानी भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के चेयरमैन Tuhin Kanta Pandey ने कहा है कि भारत आज भी वैश्विक निवेश के लिए एक खुला और आकर्षक गंतव्य बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मजबूत macroeconomic आधार, तेजी से बढ़ता निवेशक आधार और सुधारों पर केंद्रित नीतियां भारत को वैश्विक पूंजी के लिए खास बनाती हैं।
SEBI प्रमुख ने ये बातें America के San Francisco में Confederation of Indian Industry (CII) और Consulate General of India (CGI) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक interactive session के दौरान कही। इस सत्र में वैश्विक निवेशकों और venture capital से जुड़े दिग्गजों ने हिस्सा लिया और भारत में निवेश के अवसरों तथा भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों पर चर्चा की।
अपने संबोधन में SEBI प्रमुख ने transparent, consultation-आधारित और technology-संचालित regulatory framework के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि SEBI का फोकस risk-आधारित और निवेश को आसान बनाने वाली नीतियों पर है, जिससे foreign investors के लिए बाजार में प्रवेश सरल हो सके और capital market की स्थिरता बनी रहे।
उन्होंने बताया कि हाल के समय में foreign portfolio investors (FPI) के registration और re-KYC प्रक्रिया को आसान बनाया गया है। साथ ही digital platform के इस्तेमाल में बढ़ोतरी, IPO बाजार की मजबूती और alternative investment funds (AIF) की बढ़ती भूमिका ने बाजार को और मजबूत किया है। इसके अलावा, घरेलू निवेशकों की बढ़ती भागीदारी भी बाजार को स्थिरता और गहराई प्रदान कर रही है।
आर्थिक स्थिति पर बात करते हुए Pandey ने कहा कि नियंत्रित महंगाई, मजबूत foreign exchange reserves और संतुलित external accounts भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देते हैं, जिससे यह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में बना हुआ है।
वहीं San Francisco में भारत के महावाणिज्य दूत K. Srikar Reddy ने कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। उन्होंने कहा कि सुधारों, मजबूत startup ecosystem और digital infrastructure के चलते भारत का विकास तेज हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत और America के बीच व्यापार 240 अरब डॉलर से अधिक हो चुका है और इसे 2030 तक 500 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
इस मौके पर CII के President Designate और Tata Chemicals के MD और CEO Ramakrishnan Mukundan ने सरकार, उद्योग और वैश्विक निवेशकों के बीच सहयोग को भारत के भविष्य की growth के लिए जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि भारत की आने वाली प्रगति वैश्विक साझेदारी पर निर्भर करेगी, खासकर America के साथ, जिससे innovation, manufacturing और sustainable development को बढ़ावा मिलेगा। इस सत्र के दौरान निवेशकों और policy makers के बीच खुलकर बातचीत हुई।

