बिजनेस रेमेडीज/नई दिल्ली। बाजार नियामक सेबी दो नये संस्थान… प्रदर्शन सत्यापन एजेंसी और आंकड़ा मानकीकरण संस्थान स्थापित करने पर विचार कर रहा है। इस पहल का मकसद प्रतिभूति बाजार में निवेशकों को मिलने वाली जानकारी की गुणवत्ता में सुधार लाना है। पहली संस्था, प्रदर्शन सत्यापन एजेंसी निवेश सलाहकारों और अनुसंधान विश्लेषकों आदि द्वारा दी जाने वाली सेवाओं से संबंधित प्रदर्शन के दावों को सत्यापित करेगी। वहीं आंकड़ा मानकीकरण संस्थान विभिन्न परिसंपत्ति वर्गों से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराएगा। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने 2023-24 की अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि दोनों संस्थानों का उद्देश्य प्रतिभूति बाजार में निवेशकों को प्रदान की जाने वाली जानकारी की गुणवत्ता में सुधार करना है। इसके अतिरिक्त, नियामक ने पंजीकृत निवेश सलाहकार और शोध विश्लेषक द्वारा शुल्क संग्रह के लिए एक व्यवस्था बनाने का प्रस्ताव किया है। इससे निवेशकों को यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि उनका भुगतान केवल पंजीकृत निवेश सलाहकार और शोध विश्लेषक को हो। उन्हें गैर-पंजीकृत संस्थाओं की पहचान करने, अलग करने और उनसे बचने में मदद मिलेगी। सेबी ने कहा कि वर्ष 2024-25 के लिए उसका जोर रियल एस्टेट और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों के लिए पूंजी निर्माण पर है। देश में बुनियादी ढांचा और रियल एस्टेट के विकास को सुविधाजनक बनाने के लिए नियमों को अनुकूलित करने की जरूरत हो सकती है। इस दिशा में, नियामक ने बाजार और उससे जुड़े पक्षों की जरूरतों को समझने के लिए रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट (रीट) और बुनियादी ढांचा निवेश ट्रस्ट (इनविट) के लिए एक सलाहकार समिति गठित की है।

