Tuesday, June 30, 2026 |
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रेपो दर में कटौती का रियल एस्टेट उद्योग ने किया स्वागत

होम लोन सस्ते होंगे और बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा

by Business Remedies
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बिजनेस रेमेडीज़/नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो दर में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती के फैसले का रियल एस्टेट उद्योग ने स्वागत किया है। यह फैसला रियल एस्टेट सेक्टर समेत पूरी अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कटौती से होम लोन सस्ते होंगे और बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ेगा, जिससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
गौड़ ग्रुप के सीएमडी और क्रेडाई नेशनल के चेयरमैन मनोज गौड़ ने इसे एक अहम कदम बताया। उन्होंने कहा कि बजट के बाद यह निर्णय अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा और रियल एस्टेट में निवेश को बढ़ावा देगा।
काउंटी ग्रुप के डायरेक्टर अमित मोदी के अनुसार, यह फैसला केवल ब्याज दरों की कटौती नहीं, बल्कि केंद्रीय बैंक के बदले हुए दृष्टिकोण को दर्शाता है, जो बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है।
बाजार में बढ़ेगा विश्वास: सिग्नेचर ग्लोबल के चेयरमैन प्रदीप अग्रवाल ने कहा कि पांच साल बाद पहली बार हुई इस कटौती से होम लोन सस्ता होगा, जिससे मध्यम वर्ग और प्रीमियम सेगमेंट के खरीदारों को राहत मिलेगी। एसकेए ग्रुप के डायरेक्टर संजय शर्मा ने इसे बाजार को गति देने वाला कदम बताया, जबकि ग्रुप 108 के एमडी अमिष भूटानी ने कहा कि इस फैसले से निवेशकों और डेवलपर्स दोनों को लाभ होगा।
निवेश को मिलेगा बढ़ावा: स्पेक्ट्रम मेट्रो के वाइस प्रेसिडेंट अजेंद्र सिंह ने कहा कि यह कटौती रियल एस्टेट मार्केट के लिए सकारात्मक कदम है। रॉयल एस्टेट ग्रुप के कार्यकारी निदेशक पियूष कंसल के अनुसार, यह फैसला रियल एस्टेट सेक्टर में घरेलू और विदेशी निवेश को बढ़ावा देगा।
छोटे शहरों को भी होगा लाभ: एक्सेंशिया इंफ्रा के डायरेक्टर मानित सेठी ने कहा कि इस कदम से छोटे शहरों में भी घर खरीदने की क्षमता बढ़ेगी। यह निर्णय देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा और रियल एस्टेट सेक्टर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। लैंडमार्क ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन, संदीप छिल्लर का कहना है कि आरबीआई की यह सक्रिय दर कटौती और बजट 2025 में किए गए ऐलान रियल एस्टेट सेक्टर के लिए सकारात्मक माहौल बना रहे हैं। सुषमा ग्रुप के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, प्रतीक मित्तल का कहना है कि रेपो रेट में कटौती कर 6.25त्न करना और नई इनकम टैक्स स्लैब का ऐलान रियल एस्टेट सेक्टर के लिए बड़ा प्रोत्साहन है। कम ब्याज दरों से होम लोन सस्ता होगा, वहीं लोगों की आय बढऩे से उनकी खरीदने की क्षमता भी बढ़ेगी.
डेवलपर्स ने जताई सकारात्मक उम्मीदें: गंगा रियल्टी के कार्यकारी निदेशक नीरज के मिश्रा ने इसे रियल एस्टेट सेक्टर और होमबायर्स के लिए एक शानदार अवसर बताया। उन्होंने कहा कि इस कटौती से मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति बढ़ेगी और अधिक लोग अपने घर के सपने को साकार कर पाएंगे। बीपीटीपी के सीएफओ मानिक मलिक के अनुसार, कम ब्याज दरें डेवलपर्स के लिए वित्तीय राहत लाएंगी और प्रोजेक्ट निष्पादन आसान होगा, इससे आवासीय और कमर्शियल रियल एस्टेट दोनों में मांग बढऩे की संभावना है।
व्हाइटलैंड कॉरपोरेशन के डायरेक्टर सुदीप भट्ट ने कहा कि होम लोन की दरों में कटौती से हाउसिंग डिमांड को बहुत जरूरी बढ़ावा मिलेगा। कम ईएमआई का लाभ सभी आय वर्गों के खरीदारों को मिलेगा और अधिक लोग प्रॉपर्टी में निवेश के लिए प्रेरित होंगे। कॉन्शिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर के बिजनेस हेड मोहित अग्रवाल ने कहा कि यह कटौती प्रीमियम रियल एस्टेट सेगमेंट के लिए भी फायदेमंद होगी।
काउंटी ग्रुप के अमित मोदी ने कहा कि यह फैसला न केवल दरों में कमी को दर्शाता है बल्कि केंद्रीय बैंक की बदली हुई सोच को भी दर्शाता है। सिग्नेचर ग्लोबल के प्रदीप अग्रवाल का मानना है कि ब्याज दरों में कटौती से मध्यम वर्ग और प्रीमियम सेगमेंट के खरीदारों का भरोसा बढ़ेगा।



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