कुंजेश कुमार Patasaria | Business Remedies/Jaipur। अमरीका—इजरायल और ईरान के बीच बीते 40 दिनों तक चले तनाव और युद्ध जैसी स्थिति के बाद अमरीका और ईरान के बीच हाल ही में घोषित युद्धविराम (सीजफायर) ने वैश्विक व्यापार और खासकर भारत व राजस्थान के निर्यातकों को बड़ी राहत दी है। इसका सीधा असर राजस्थान के उद्यमियों पर पड़ा है, जो बीते डेढ़ महीने से लगभग हाथ पर हाथ धरे बैठे थे। अमरीका-ईरान युद्धविराम ने राजस्थान के उद्यमियों के लिए राहत की किरण जरूर दिखाई है, लेकिन स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है। फरवरी-मार्च, 2026 में शुरू हुए इस संघर्ष के चलते स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई थी। यह मार्ग दुनिया के लगभग 20 फीसदी तेल और बड़े हिस्से के समुद्री व्यापार के लिए बेहद अहम है। तनाव के चलते शिपिंग कंपनियों ने रूट को बंद कर दिए। निर्यात-आयात की सप्लाई चेन टूट गई। इसका असर भारत सहित राजस्थान के निर्यात पर भी पड़ा।
राजस्थान के उद्यमियों पर सीधा असर
राजस्थान से बड़ी मात्रा में निम्न वस्तुओं का निर्यात मध्य-पूर्व (खासकर ईरान और आसपास के देशों) में होता है। इनमें प्रमुख रूप से मेहंदी, हैंडीक्राफ्ट, टेक्सटाइल व सजावटी सामान है। मार्बल व स्टोन प्रोडक्ट्स शामिल हैं। निर्यात बंद होने से ऑर्डर अटक गए। शिपमेंट अटकने से माल बीत रास्ते में ही फंस गया। प्रोडक्शन पर भी प्रभाव पड़ा। साथ ही युद्ध के चलते गए माल के भुगतान में भी देरी हुई। आवाजाही थमने से नए ऑर्डर मिलने भी बंद हो गए। व्यापारिक संगठनों के अनुसार, करीब 40 दिनों तक निर्यात लगभग पूरी तरह ठप रहा। इससे बड़े नुकसान की संभावना है।
कितना नुकसान हुआ? (अनुमानित स्थिति)
हालांकि आधिकारिक एकीकृत आंकड़े अभी सामने नहीं आए हैं, लेकिन व्यापारिक आकलनों के आधार पर राजस्थान के हस्तशिल्प और मेहंदी निर्यात का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों पर निर्भर है। विशेषज्ञ मानते हैं कि दैनिक करोड़ों रुपए का निर्यात प्रभावित हुआ। एक अनुमान के मुताबिक कुल नुकसान सैंकड़ों करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है।
दो सप्ताह का सीजफायर हुआ
अमरीका और ईरान के बीच दो सप्ताह का अस्थायी सीजफायर हुआ है। इसके तहत हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोला जा रहा है। जहाजों की आवाजाही बहाल हो रही है। तेल और व्यापारिक सप्लाई धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। भारत ने भी इस कदम का स्वागत किया है और सुरक्षित समुद्री व्यापार की उम्मीद जताई है।
आगे क्या उम्मीद?
अगर शांति बनी रहती है, तो एक—दो हफ्तों में शिपिंग सामान्य होने लगेगी। लंबित ऑर्डर पूरे होंगे। नए ऑर्डर आने शुरू होंगे और राजस्थान के निर्यातक फिर से सक्रिय हो सकेंगे, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है, क्योंकि यह अस्थायी सीजफायर है और स्थायी समझौता अभी बाकी है।
एक बार जब सीजफायर हो जाता है, तो दोनों पक्षों की ईगो शांत हो जाती है। हमें उम्मीद है कि सीजफायर स्थायी होगी। छोटा—मोटा चलता रहेगा। बिजनेस चालू हो जाना चाहिए, उम्मीद है कि हफ्ते भर के अंदर चीजें ठीक हो जाएंगी। राजस्थान से बड़ी मात्रा में मेहंदी और हैंडीक्राफ्ट के आइटम मिडिल ईस्ट के देशों में निर्यात होते हैं। उम्मीद है कि 15 दिन के अंदर पोर्ट खुल जाएंगे और निर्यात फिर से शुरू हो जाएगा।
-सुरेश अग्रवाल, अध्यक्ष, फोर्टी
उम्मीद तो है निर्यात फिर से शुरू होगा, लेकिन अभी दो हफ्ते का सीजफायर हुआ है। अभी कुछ कह नहीं सकते। 10 अप्रैल को बैठक होगी। उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। अभी ईरान ने केवल होर्मुज खोला है। बार—बार दोनों पक्ष अपने बयान बदल रहे हैं। ऐसे में शुक्रवार तक अभी इंतजार करना चाहिए। हम सबको भी उम्मीद है कि निर्यात जल्द शुरू हो।
-गिरधारी लाल खंडेलवाल, मुख्य सचिव, फोर्टी
यह बहुत ही स्वागत योग्य खबर है। युद्ध विराम होने से राजस्थान के उद्यमियों को ऑक्सीजन मिला है। जो निर्यात वस्तुएं डंप हो रही थी। वे सब अब दो हफ्तों में क्लीयर हो जाएंगी। राजस्थान व भारत की इकानॉमी फिर से मजबूत होगी। जल्द ही इसका परमानेंट सॉल्यूशन हो जाएगा।
-डॉ. अरुण अग्रवाल, वरिष्ठ उपाध्य, Rajasthan Chamber of Commerce and Industry
अगर 5-10 दिन में लाइनें अगर ऑपरेशनल जो जाएं। शिपिंग लाइनें चलने लग जाएं और माल जाने लग जाए तो वापस स्थिति में सुधार आएगा, लेकिन वर्तमान माहौल को देखते हुए इन सारी व्यवस्थाओं को सुधारने में करीब एक महीना लग जाएगा। अगर शांति होती है, तो व्यापार के लिए अच्छा है।
-जगदीश सोमानी, अध्यक्ष, विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र, Jaipur
युद्ध के चलते राजस्थान की इंडस्ट्री को बड़ी समस्याएं आ रही थीं। निर्यात बंद होने से उत्पादन ठप हो गया और जो ऑर्डर बीच रास्ते में अटक गए, इस वजह से भुगतान भी अटक गया। काम बंद होने से लेबर भी प्रभावित हुई। काम बंद होने से लेबर अपने घर लौट गई। हालांकि हालात सुधरने में करीब 4 से 6 महीने का समय लगने की उम्मीद है।
-रवि उत्मानी, अध्यक्ष, फोरहैक्स

