बिजनेस रेमेडीज़/जयपुर। उपमुख्यमंत्री तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री दिया कुमारी के निर्देशन में राजस्थान महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर महिला एवं बाल विकास की विभिन्न योजनाओं में लगतार बेहतरीन प्रदर्शन किया जा रहा है।
राष्ट्रीय पोषण पखवाड़ा में नम्बर वन और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में भी नम्बर वन रहने के बाद और राष्ट्रीय पोषण माह 2024 के चौथे स्थान के पिछले प्रदर्शन को और बेहतर प्रदर्शन करते हुए इस बार (17 सितम्बर से 16 अक्टूबर 2025) राष्ट्रीय पोषण माह 2025 में राजस्थान ने राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त किया है।
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने इस उत्कृष्ट प्रदर्शन पर महिला एवं बाल विकास विभाग (निदेशालय समेकित बाल विकास सेवाएं) को बधाई दी है।
महिला एवं बाल विकास शासन सचिव महेन्द्र सोनी ने बताया कि उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के निर्देशन में महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रभावी रणनीति, जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों, तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की निष्ठा व समर्पण का परिणाम है।
महेन्द्र सोनी ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रवार रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान ने इस माह के लिए निर्धारित 81,01,730 लक्ष्यों के मुकाबले 88,93,346 उपलब्धियां दर्ज की हैं, जिससे राज्य की कुल उपलब्धि दर 114.12 प्रतिशत रही। उन्होंने बताया कि इस उत्कृष्ट प्रदर्शन से राजस्थान ने अपने 41 जिलों और 62,321 आंगनबाड़ी केंद्रों के सहयोग से पोषण माह को एक जनआंदोलन के रूप में सफल बनाया है।
राष्ट्रीय स्तर पर गुजरात 115.74 प्रतिशत के साथ प्रथम, राजस्थान 114.12 प्रतिशत के साथ द्वितीय तथा छत्तीसगढ़ 108.30 प्रतिशत के साथ तृतीय स्थान पर है।
राज्यभर में विविध गतिविधियों का आयोजन: निदेशक आईसीडीएस वासुदेव मालावत ने यह संकल्प दोहराया कि आने वाले महीनों में भी पोषण से जुड़ी गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि राजस्थान कुपोषण मुक्त राज्य बनकर देश के लिए उदाहरण प्रस्तुत कर सके।
पोषण माह 2025 के दौरान राजस्थान के विभिन्न जिलों में जागरूकता, सामुदायिक सहभागिता, गृह भ्रमण, पौष्टिक आहार वितरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य परामर्श, और ‘सुपोषित राजस्थान’ के लक्ष्य को साकार करने हेतु अनेक अभिनव गतिविधियाँ आयोजित की गईं।
पोषण माह 2025 की प्रमुख थीम्स के अनुरूप राज्यभर में विविध गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिनमें शामिल हैं —
> मोटापे की समस्या का समाधान
> चीनी और तेल का सेवन कम करना
> प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा (श्वष्टष्टश्व)
> शिशु और छोटे बच्चों के आहार के तरीके (ढ्ढङ्घष्टस्न)
> पोषण में पुरुषों की भागीदारइसे बढ़ावा देना
‘वोकल फॉर लोकल’ और डिजिटलीकरण पर विशेष जोर
महिला एवं बाल विकास विभाग, राजस्थान सरकार ने इस सफलता में योगदान देने वाले सभी जिला अधिकारियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, आशा सहयोगियों और स्थानीय समुदायों के प्रति आभार व्यक्त किया है। विभाग ने कहा है कि यह उपलब्धि ‘सुपोषित भारत, स्वस्थ भारत’ के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

