Saturday, June 27, 2026 |
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मोदी विश्वविद्यालय के कॉन्क्लेव में फिजियोथेरेपी विशेषज्ञों ने क्लिनिकल उत्कृष्टता और पेशेवर नेतृत्व पर दिया जोर

by Business Remedies
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लक्ष्मणगढ़ | Modi University of Science and Technology, Lakshmangarh के School of Liberal Arts and Sciences के फिजियोथेरेपी विभाग द्वारा रविवार को “Physiotherapy Clinical Excellence and Professional Leadership Conclave 2026” का सफल आयोजन किया गया। इस कॉन्क्लेव में शेखावाटी क्षेत्र, Jaipur तथा Delhi-NCR से 60 से अधिक फिजियोथेरेपी पेशेवरों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, अस्पतालों से जुड़े चिकित्सकों, स्वास्थ्य सेवा विशेषज्ञों और पुनर्वास विशेषज्ञों ने भाग लिया। “NCAHP मानकों के अनुरूप क्लिनिकल फिजियोथेरेपी प्रथाओं को आगे बढ़ाना” विषय पर आयोजित यह कॉन्क्लेव पेशेवर संवाद, ज्ञान-विनिमय तथा फिजियोथेरेपी क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के सम्मान का एक महत्वपूर्ण मंच बना। शेखावाटी क्षेत्र में अपनी तरह का यह पहला बड़ा फिजियोथेरेपी सम्मेलन माना जा रहा है, जो आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में पुनर्वास विज्ञान और सहायक स्वास्थ्य व्यवसायों के बढ़ते महत्व को दर्शाता है।

कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक के रूप में Modi University of Science and Technology, Lakshmangarh के अध्यक्ष Prof. (Dr.) Ashutosh Bhardwaj उपस्थित रहे। उनके साथ प्रो-प्रेसिडेंट Prof. (Dr.) Abhay Sharma तथा School of Liberal Arts and Sciences के डीन Prof. (Dr.) Jitendra Binwal भी मौजूद रहे। कॉन्क्लेव का उद्घाटन स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों की उपस्थिति में हुआ। S.K. Medical College, Sikar के प्राचार्य Prof. (Dr.) Ashok Kumar Choudhary मुख्य अतिथि के रूप में तथा Bombay Hospital, Jaipur के फिजियोथेरेपी एवं पुनर्वास विभाग के विभागाध्यक्ष एवं सहायक निदेशक Prof. (Dr.) Mahesh Kumar Show विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में अतिथियों ने बहु-विषयक स्वास्थ्य सेवा टीमों में फिजियोथेरेपिस्ट की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला तथा साक्ष्य-आधारित चिकित्सा पद्धति, नैतिक पेशेवर आचरण, क्लिनिकल दक्षता और National Commission for Allied and Healthcare Professions (NCAHP) द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया। कॉन्क्लेव का प्रमुख आकर्षण Prof. (Dr.) Mahesh Kumar Show का विशेषज्ञ व्याख्यान रहा, जिसका विषय था “NCAHP Policy: Professional Regulation, Ethics and Standardization in Physiotherapy”। उन्होंने NCAHP नियमों के क्रियान्वयन से उत्पन्न अवसरों और जिम्मेदारियों तथा भारत में फिजियोथेरेपी के भविष्य पर उनके प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी।

एक अन्य महत्वपूर्ण सत्र NIMS College of Physiotherapy and Occupational Therapy, Jaipur के प्राचार्य Prof. (Dr.) Ajit Kumar Saharan द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने “Clinical Practice का भविष्य: उद्योग की अपेक्षाओं के अनुरूप Physiotherapy शिक्षा” विषय पर व्याख्यान देते हुए अकादमिक प्रशिक्षण और आधुनिक स्वास्थ्य उद्योग की आवश्यकताओं के बीच की दूरी को कम करने की आवश्यकता पर जोर दिया। कॉन्क्लेव में “Physiotherapy 2030: Clinical Excellence, Professional Autonomy and NCAHP-Driven Transformation” विषय पर एक पैनल चर्चा भी आयोजित की गई। इसमें Prof. (Dr.) Mahesh Kumar Show, Prof. (Dr.) Madhusudan Tiwari, Dr. Mahesh Kumar Sharma तथा Prof. (Dr.) Surendra Kumar Meena ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने फिजियोथेरेपी शिक्षा, पेशेवर स्वायत्तता, रोजगार संभावनाओं, अंतर्विषयक स्वास्थ्य सेवाओं और NCAHP ढांचे के अंतर्गत उभरते अवसरों पर विचार-विमर्श किया।

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण “Physiotherapy Excellence Awards 2026” रहा, जिसके अंतर्गत Rajasthan के विभिन्न क्षेत्रों से चयनित उत्कृष्ट पेशेवरों को सम्मानित किया गया। पुरस्कारों में Clinical Excellence Award, Women Leadership Excellence Award in Physiotherapy, ग्रामीण पुनर्वास सेवा पुरस्कार तथा उभरते क्लिनिकल लीडर पुरस्कार जैसी श्रेणियाँ शामिल थीं। इन पुरस्कारों के माध्यम से रोगी देखभाल, पुनर्वास सेवाओं, पेशेवर नेतृत्व, क्लिनिकल नवाचार और सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय योगदान को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर Modi University of Science and Technology, Lakshmangarh के फिजियोथेरेपी विभाग के विभागाध्यक्ष एवं कॉन्क्लेव के आयोजन सचिव Dr. Ankit Jain ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य पेशेवर नेटवर्किंग को सशक्त बनाना, क्लिनिकल उत्कृष्टता को बढ़ावा देना, नेतृत्व क्षमता का विकास करना तथा चिकित्सकों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और स्वास्थ्य संस्थानों के बीच सहयोग को प्रोत्साहित करना था। आयोजकों ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, पैनलिस्टों, पुरस्कार विजेताओं, प्रतिनिधियों, छात्र स्वयंसेवकों तथा सहयोगी टीमों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन फिजियोथेरेपी सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने, साक्ष्य-आधारित पुनर्वास को बढ़ावा देने तथा पेशेवर उत्कृष्टता और सहयोगात्मक विकास के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।



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