New Delhi,
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में प्रति लीटर 10 रुपये की बड़ी कटौती करने का फैसला लिया है। इस निर्णय के बाद पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क घटकर 3 रुपये प्रति लीटर रह गया है, जबकि डीजल पर यह शून्य कर दिया गया है। यह कदम वैश्विक तेल कीमतों में तेज बढ़ोतरी के असर को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। सरकार ने इसके साथ ही ईंधन के निर्यात और विदेशी विमानों को की जाने वाली आपूर्ति पर भी शुल्क में छूट देने की घोषणा की है। इससे तेल क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों को अतिरिक्त राहत मिलने की उम्मीद है। केंद्र ने वर्ष 2022 की एक पुरानी अधिसूचना को वापस लेते हुए आयातित विमानन टरबाइन ईंधन पर सीमा शुल्क में भी राहत प्रदान की है। इससे विमानन क्षेत्र की लागत कम होने की संभावना जताई जा रही है। यह कटौती ऐसे समय में की गई है जब अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा संकट की स्थिति बनी हुई है। होरमुज जलडमरूमध्य में अवरोध के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे कीमतों में तेजी आई है।
तेल कंपनियों पर बढ़ता घाटा
सरकारी तेल विपणन कंपनियां फिलहाल भारी नुकसान झेल रही हैं। अनुमान के अनुसार, ये कंपनियां ईंधन बिक्री पर लगभग 48.8 रुपये प्रति लीटर का घाटा उठा रही हैं। ऐसे में यह संभावना जताई जा रही है कि कंपनियां इस कर कटौती का लाभ अपने घाटे को कम करने में उपयोग करेंगी। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है। ब्रेंट कच्चा तेल लगभग 2.29 प्रतिशत गिरकर 105.53 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, वहीं अमेरिकी डब्ल्यूटीआई कच्चा तेल 2.54 प्रतिशत घटकर 92.08 डॉलर प्रति बैरल रहा।
सरकार ने आपूर्ति को बताया पूरी तरह सुरक्षित
सरकार ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रण में है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि देश में लगभग 74 दिनों की कुल भंडारण क्षमता उपलब्ध है, जबकि वर्तमान में करीब 60 दिनों का वास्तविक भंडार मौजूद है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि मध्य-पूर्व संकट के 27वें दिन भी देश के सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है और कहीं भी किसी प्रकार की कमी नहीं है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी भ्रामक और गलत सूचना से प्रभावित न हों। मंत्रालय के अनुसार, कुछ तत्व जानबूझकर गलत जानकारी फैलाकर अनावश्यक घबराहट पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। सरकार ने यह भी कहा कि अगले दो महीनों के लिए कच्चे तेल की खरीद पहले ही सुनिश्चित कर ली गई है और देश आने वाले कई महीनों तक ऊर्जा के मामले में पूरी तरह सुरक्षित रहेगा।

