बिजनेस रेमेडीज/जयपुर। त्रिपुरा के अगरतला आधारित ‘ओवल प्रोजेक्ट्स इंजीनियरिंग लिमिटेड’ ऑयल एंड गैस इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में ईपीसी व ओएंडएम सेवाएं प्रदान करने वाली प्रमुख कंपनी है। कंपनी द्वारा दीर्घकालिक कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों की पूर्ति हेतु बीएसई एसएमई प्लेटफार्म पर आईपीओ लाया जा रहा है। बिजनेस रेमेडीज की टीम ने कंपनी के प्रोस्पेक्ट्स से कंपनी की कारोबारी गतिविधियों के संबंध में जानकारी हासिल की है।
कारोबारी गतिविधियां: 2013 में स्थापित, ओवल प्रोजेक्ट्स इंजीनियरिंग लिमिटेड एक इंफ्रास्ट्रक्चर विकास कंपनी है जो पूरे देश में ऑयल एंड गैस, शहरी गैस वितरण, शहरी विकास और ऊर्जा क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखती है। कंपनी ऑयल एंड गैस क्षेत्र में अपस्ट्रीम, मिडस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम गतिविधियों में विशेषज्ञता रखती है, जिसमें पाइपलाइन बिछाना, प्रसंस्करण संयंत्र, सीजीएस कार्य और बिजली संयंत्रों एवं ईपीसी परियोजनाओं के लिए संचालन एवं रखरखाव सेवाएँ शामिल हैं। कंपनी अपस्ट्रीम, मिडस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में टर्नकी समाधान प्रदान करती है और अगरतला, त्रिपुरा जैसे क्षेत्रों और देश भर के विभिन्न स्थानों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही है। अभी तक कंपनी ने 30 से अधिक परियोजनाएं पूर्ण की है। कंपनी की सेवाओं में पाइपलाइन बिछाना, गैस प्रसंस्करण संयंत्र, शहर गैस वितरण (सीजीडी), क्षैतिज दिशात्मक ड्रिलिंग, टर्मिनल स्टेशन व प्राकृतिक गैस अवसंरचना और कैप्टिव पावर प्लांट का संचालन एवं रखरखाव शामिल हैं।
कंपनी के बिजनेस सेगमेंट:
ऑयल एंड गैस इंफ्रास्ट्रक्चर : कंपनी का ऑयल एंड गैस इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र गैस प्रसंस्करण संयंत्रों, तेल/ पेट्रोकेमिकल भंडारण टर्मिनलों, पाइपलाइन बिछाने और वितरण के लिए अवसंरचना के विकास पर केंद्रित है।
तेल एवं गैस संचालन एवं रखरखाव (ओएंडएम ): कंपनी सीजीडी कंपनियों और सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं को संचालन एवं रखरखाव (ओएंडएम) सेवाएँ प्रदान करती है, जिसमें पाइपलाइन मरम्मत, रखरखाव, निर्धारित शटडाउन और गैस जेनसेट बिजली संयंत्रों एवं सीएनजी स्टेशनों का प्रबंधन शामिल है।
विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएँ: कंपनी ने ऑयल एंड गैस संयंत्र परियोजनाओं के दौरान नागरिक इंफ्रास्ट्रक्चर में विशेषज्ञता हासिल की और विशिष्ट कार्यों का निष्पादन किया। अब कंपनी सरकार, विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक द्वारा वित्त पोषित तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का संचालन कर रही है। 31 मार्च 2025 तक कंपनी में 123 कर्मचारी कार्यरत थे।
वित्तीय प्रदर्शन : वित्त वर्ष 2023 में कंपनी ने 64.09 करोड़ रुपए का राजस्व और 3.18 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ, वित्त वर्ष 2024 में कंपनी ने 78.99 करोड़ रुपए का राजस्व और 4.40 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ और वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने 103.43 करोड़ रुपए का राजस्व और 9.33 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है। वित्तीय परिणामों से स्पष्ट है कि साल दर साल कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन अच्छा होता जा रहा है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने 9.12 फीसदी का कर पश्चात शुद्ध लाभ मार्जिन अर्जित किया है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी की कुल असेट 156.23 करोड़ रुपए, नेटवर्थ 55.88 करोड़ रुपए, रिजर्व एवं सरप्लस 40.61 रुपए और कुल कर्ज 53.40 करोड़ रुपए दर्ज किया गया है।
प्रवर्तकों का अनुभव
45 वर्षीय गौतम देबनाथ कंपनी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक हैं। वे 11 जून, 2014 से कंपनी के निदेशक मंडल में हैं। उन्होंने वर्ष 2002 में असम राज्य तकनीकी शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित मैकेनिकल इंजीनियरिंग/प्रौद्योगिकी में डिप्लोमा परीक्षा उत्तीर्ण की। उन्होंने वर्ष 2006 में असम इंजीनियरिंग कॉलेज, गुवाहाटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। इससे पहले उन्होंने 30 अप्रैल, 2010 से 23 नवंबर, 2010 तक केएसएस पेट्रोन प्राइवेट लिमिटेड में काम किया। उन्होंने 30 नवंबर, 2010 से 30 नवंबर, 2014 तक शिव-वाणी ऑयल एंड गैस एक्सप्लोरेशन सर्विसेज लिमिटेड में प्रबंधक और वरिष्ठ प्रबंधक – ईपीसी/जीजीएस परियोजना के रूप में काम किया। वे 10 जनवरी, 2018 से 3 मार्च, 2025 तक ओवल फ्रेश प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक थे। वर्तमान में वे ओवल डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड और ब्लूकिंगडम प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड में निदेशक पद पर हैं। उनके पास लगभग 15 वर्षों का अनुभव है।
आईपीओ के संबंध में जानकारी: ‘ओवल प्रोजेक्ट्स इंजीनियरिंग लिमिटेड’ का आईपीओ बीएसई एसएमई प्लेटफार्म पर 28 अगस्त को खुलकर 1 सितम्बर 2025 को बंद होगा। कंपनी द्वारा बुक बिल्ट इश्यू प्रणाली से 10 रुपए फेसवैल्यू के 54,99,200 शेयर 80 से 85 रुपए प्रति शेयर के भाव पर जारी कर 46.94 करोड़ रुपए जुटाए जा रहे हैं। आईपीओ का मार्केट लॉट साइज 1600 शेयरों का है और रिटेल निवेशकों को कम से कम 2 लॉट के लिए आवेदन करना होगा। आईपीओ का प्रबंधन प्रमुख लीड मैनेजर कंपनी एसएमसी कैपिटल्स लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है।
नोट: यह लेख निवेश सलाह नहीं है।

