बिजनेस रेमेडीज/नई दिल्ली (आईएएनएस)। केंद्र सरकार समुद्री शासन और बंदरगाह प्रबंधन ढांचे को मजबूत करने के लिए एक विशेष सैटेलाइट लॉन्च करने या ट्रांसपोंडर हासिल करने की संभावनाओं पर विचार कर रही है। यह जानकारी पोर्ट्स, शिपिंग और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने दी।
मंत्री ने कहा कि इस सैटेलाइट या ट्रांसपोंडर के जरिए भारतीय समुद्री क्षेत्र को समर्पित कवरेज मिलेगा। इससे देश के तटीय इलाकों, अंतर्देशीय जलमार्गों और बंदरगाहों की रियल-टाइम निगरानी संभव होगी। जहाजों की आवाजाही, नौवहन सुरक्षा और पोर्ट संचालन को बेहतर बनाने में यह तकनीक मददगार होगी। उन्होंने बताया कि इससे जहाजों की ट्रैकिंग, ट्रैफिक मॉनिटरिंग, भीड़ की समय पर पहचान, सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन, प्रदूषण नियंत्रण और आपदा प्रबंधन क्षमता में सुधार होगा। साथ ही, विदेशी नेविगेशन सिस्टम पर निर्भरता घटेगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत विजन को मजबूती मिलेगी। सोनोवाल ने कहा कि भारत विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में वैश्विक अग्रणी बनकर उभरा है और दुनिया के सबसे सम्मानित व सक्षम अंतरिक्ष कार्यक्रमों में से एक तैयार किया है। उन्होंने याद दिलाया कि भारत ने 2023 में सूर्य का अध्ययन करने के लिए आदित्य-एल1 लॉन्च किया था। हाल ही में गु्रप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन मिशन पूरा करने वाले पहले भारतीय बने। जल्द ही भारत गगनयान मिशन लॉन्च करेगा और अपना स्पेस स्टेशन भी बनाएगा। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है और देश के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान खोज रहा है।

