देश के सबसे बड़े शेयर बाज़ार मंच राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के बहुप्रतीक्षित IPO से कई सरकारी वित्तीय संस्थानों को भारी लाभ मिलने की संभावना है। विशेष रूप से भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) जैसे बड़े संस्थानों के निवेश का वास्तविक मूल्य इस IPO के माध्यम से उजागर हो सकता है। NSE द्वारा प्रस्तुत प्रारूप रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के अनुसार, SBI ऑफर फॉर सेल के माध्यम से अपनी 2.475 करोड़ शेयरों की हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रहा है।
यदि IPO का मूल्य लगभग ₹.2,000 प्रति शेयर तय होता है, तो SBI की यह हिस्सेदारी बिक्री करीब ₹.5,000 करोड़ की हो सकती है। दिलचस्प बात यह है कि SBI ने ये शेयर औसतन मात्र ₹.0.80 प्रति शेयर की लागत पर खरीदे थे। ऐसे में बैंक को अपने निवेश पर अत्यंत बड़ा लाभ प्राप्त होने की संभावना है। केवल SBI ही नहीं, बल्कि NSE के शुरुआती वर्षों में निवेश करने वाले कई अन्य सरकारी संस्थान भी इस IPO से उल्लेखनीय लाभ कमाने की स्थिति में हैं।
भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) वर्तमान में NSE का सबसे बड़ा शेयरधारक बना हुआ है। कंपनी के पास NSE में 10.72 प्रतिशत हिस्सेदारी है। हालांकि प्रस्तावित IPO में LIC अपने शेयर नहीं बेच रही है, फिर भी उसकी हिस्सेदारी का मूल्यांकन निवेशकों और बाज़ार विशेषज्ञों का विशेष ध्यान आकर्षित कर सकता है। बैंक ऑफ बड़ौदा ने NSE के शेयर औसतन ₹.0.54 प्रति शेयर की लागत पर खरीदे थे। अनुमानित IPO मूल्य के आधार पर बैंक लगभग ₹.2,197 करोड़ मूल्य के शेयर बेच सकता है।
इसी प्रकार, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, जिसने अपने शेयर औसतन ₹.0.46 प्रति शेयर की लागत पर खरीदे थे, लगभग ₹.2,178 करोड़ मूल्य की हिस्सेदारी का मुद्रीकरण कर सकती है। बीमा क्षेत्र की बात करें तो न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी और नेशनल इंश्योरेंस कंपनी ने अपने NSE शेयर औसतन ₹.0.32 प्रति शेयर की लागत पर खरीदे थे। अनुमानित IPO मूल्य पर न्यू इंडिया एश्योरेंस द्वारा बेचे जाने वाले शेयरों का मूल्य लगभग ₹.2,100 करोड़ हो सकता है, जबकि नेशनल इंश्योरेंस कंपनी को लगभग ₹.1,200 करोड़ प्राप्त हो सकते हैं।
यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी, जिसकी खरीद लागत औसतन ₹.0.50 प्रति शेयर रही थी, वह भी लगभग ₹.1,200 करोड़ मूल्य के शेयर बेचने की तैयारी में है। वहीं, जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने अपने शेयर औसतन ₹.5.26 प्रति शेयर की लागत पर खरीदे थे। प्रस्तावित IPO मूल्य के आधार पर कंपनी ₹.2,131 करोड़ से अधिक मूल्य की हिस्सेदारी का मुद्रीकरण कर सकती है। हालांकि इन सभी संस्थानों को मिलने वाला अंतिम लाभ IPO के अंतिम मूल्य निर्धारण पर निर्भर करेगा, जो निर्गम शुरू होने के करीब तय किया जाएगा।
बुधवार को NSE ने अपने बहुप्रतीक्षित IPO के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) तथा बीएसई के पास DRHP दाखिल कर दिया। इस प्रस्तावित सूचीबद्धता के बाद NSE के शेयरों का कारोबार बीएसई पर किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह IPO भारतीय पूंजी बाज़ार के इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक साबित हो सकता है। इससे न केवल सरकारी संस्थानों को बड़ा वित्तीय लाभ मिलेगा, बल्कि निवेशकों को भी देश के सबसे बड़े एक्सचेंज में निवेश का अवसर प्राप्त होगा। साथ ही, लंबे समय से रखी गई हिस्सेदारियों का वास्तविक बाज़ार मूल्य भी पहली बार व्यापक रूप से सामने आएगा।

