नई दिल्ली
भारत के नीति आयोग ने देश के Digital Public Infrastructure (DPI) के अगले चरण के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक Roadmap लॉन्च किया है, जिसका उद्देश्य समावेशी, तेज और उत्पादकता आधारित विकास को बढ़ावा देना है। यह पहल भारत की डिजिटल यात्रा में एक नया चरण दर्शाती है, जहां अब केवल डिजिटल पहुंच से आगे बढ़कर क्षमता निर्माण, उत्पादकता वृद्धि और बड़े स्तर पर अवसर सृजन पर ध्यान दिया जाएगा।
नीति आयोग द्वारा जारी बयान के अनुसार, ‘DPI@2047 For Viksit Bharat’ नामक यह Roadmap EkStep Foundation और Deloitte के सहयोग से तैयार किया गया है। इसमें भारत के डिजिटल परिवर्तन को दो चरणों में विभाजित किया गया है। पहला चरण DPI2.0 (2025-2035) होगा, जिसका उद्देश्य बड़े स्तर पर आजीविका आधारित विकास को बढ़ावा देना है, जबकि दूसरा चरण DPI3.0 (2035-2047) होगा, जो व्यापक समृद्धि सुनिश्चित करेगा। फिलहाल मुख्य फोकस DPI2.0 पर रखा गया है। DPI2.0 के तहत आठ प्रमुख क्षेत्रों में बदलाव की पहचान की गई है, जिनमें सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य शामिल हैं। इसके साथ ही ऋण सुविधा, विकेन्द्रीकृत ऊर्जा और लाभ वितरण प्रणाली जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को भी मजबूत करने पर जोर दिया गया है, ताकि संरचनात्मक बाधाओं को दूर किया जा सके।
इस Roadmap को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए चार प्रमुख रणनीतियां तय की गई हैं। इनमें जिला स्तर पर मांग का समेकन, तकनीकी उद्यमिता को बढ़ावा देना, कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करना और बेहतर डेटा उपयोग, डिजिटल लेनदेन, मजबूत मानव संसाधन तथा AI के लोकतांत्रिक उपयोग के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में सुधार शामिल हैं। DPI2.0 का मुख्य उद्देश्य भारत के डिजिटल ढांचे को पहचान, भुगतान और कल्याण सेवाओं से आगे बढ़ाकर आजीविका, उत्पादकता और बाजार पहुंच के क्षेत्रों तक विस्तारित करना है। यह बदलाव दर्शाता है कि आने वाले वर्षों में विकास केवल नई तकनीक के आविष्कार से नहीं, बल्कि ऐसे डिजिटल ढांचे के निर्माण से होगा जो नवाचार को तेजी से और व्यापक रूप से लागू कर सके।
सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार प्रोफेसर अजय कुमार सूद ने कहा कि तकनीकी नेतृत्व अब इस बात पर निर्भर करेगा कि हम विज्ञान और नवाचार को बड़े स्तर पर भरोसेमंद सार्वजनिक परिणामों में कैसे बदलते हैं। उन्होंने कहा कि भारत का DPI मॉडल पहले ही बड़े स्तर पर खुले और आपस में जुड़े सिस्टम की ताकत दिखा चुका है और अब अगले चरण में उन्नत तकनीकों को सुरक्षित और जिम्मेदार तरीके से लागू करना जरूरी होगा। नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने कहा कि अब ध्यान GDP से हटकर उत्पादकता पर केंद्रित हो गया है। उन्होंने बताया कि बेहतर रोजगार, मजबूत आय और उच्च जीवन स्तर के लिए उत्पादकता में वृद्धि आवश्यक है और DPI इसका महत्वपूर्ण आधार बनेगा।
नीति आयोग की मुख्य कार्यकारी अधिकारी निधि छिब्बर ने कहा कि जब राज्य तेजी से विकास करते हैं तो देश भी तेज गति से आगे बढ़ता है। उन्होंने DPI को राज्यों में समावेशी विकास को गति देने वाला महत्वपूर्ण साधन बताया। नीति आयोग की विशिष्ट फेलो देबजानी घोष ने कहा कि यह Roadmap भारत को डिजिटल समावेशन से आगे बढ़ाकर उत्पादकता आधारित और आजीविका केंद्रित विकास की दिशा में ले जाएगा, जो Viksit Bharat2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होगा।

