Sunday, July 12, 2026 |
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पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेज अर्थव्यवस्था : Nirmala Sitharaman

by Business Remedies
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बेंगलुरु | बिजनेस रेमेडीज |  वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने रविवार को कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भी भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और दुनिया की सबसे तेज अर्थव्यवस्था बना हुआ है। Bharatiya Janata Party के ‘विकसित भारत’ कार्यक्रम में वित्त मंत्री Sitharaman ने कहा कि यह केंद्र सरकार नहीं है, जो कि दावा कर रही है कि भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है, बल्कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़े स्वयं इसी ओर इशारा कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि International Monetary Fund (IMF) भी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में भारत को दुनिया की सबसे तेज अर्थव्यवस्था मानता है।

विपक्षी नेता Rahul Gandhi के बयान पर Sitharaman ने कहा कि कांग्रेस नेता देश के आर्थिक प्रदर्शन की लगातार आलोचना कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर, हर तिमाही और हर साल भारत सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि Lok Sabha में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi लगातार कहते रहते हैं कि कोई बड़ी आर्थिक आपदा आने वाली है, लेकिन भारत के लिए ऐसी कोई आपदा नहीं आने वाली है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेता की बार-बार की आलोचना से देश की आर्थिक स्थिति के बारे में नागरिकों के मन में गलत धारणा बन सकती है। केंद्रीय मंत्री Sitharaman ने कहा, “विपक्ष के नेता (Rahul Gandhi) और उनकी पार्टी लोगों को यह विश्वास दिलाने की कोशिश करते हैं कि भारत मुश्किल में है। फिर भी, पश्चिम एशिया में संकट और Strait of Hormuz के आसपास व्यवधानों के बावजूद, भारत लगातार आगे बढ़ रहा है।”

ईंधन की आपूर्ति और वैश्विक व्यापार पर भू-राजनीतिक तनाव के असर के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि चुनौतियां सिर्फ कच्चे तेल और एलपीजी की कीमतों में उतार-चढ़ाव तक ही सीमित नहीं हैं। उन्होंने कहा, “इन चुनौतियों का असर न सिर्फ कच्चे तेल और एलपीजी की कीमतों पर, बल्कि ग्लोबल शिपिंग पर भी पड़ता है। शिपिंग कंपनियां संघर्ष वाले इलाकों से अपने जहाज भेजने में हिचकिचाती हैं। जहाजों पर हमले का खतरा होने के कारण इंश्योरेंस प्रीमियम बढ़ जाते हैं। चाहे जहाज खाली हो या उसमें कच्चा तेल लदा हो, इंश्योरेंस का खर्च काफी बढ़ जाता है और देश तक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आखिरकार यह खर्च उठाना ही पड़ता है।” उन्होंने आगे कहा, “इन वैश्विक चुनौतियों के बावजूद, Narendra Modi सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति बिना किसी रुकावट के जारी रखी है।”



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