बिजनेस रेमेडीज/नई दिल्ली। नई दिल्ली आधारित ‘निकिता पेपर्स लिमिटेड’ क्राफ्ट पेपर निर्माण में कार्यरत प्रमुख कंपनी है। कंपनी द्वारा म्यूनिसिपल वेस्ट संचालित पावर प्लांट (वेस्ट टू एनर्जी) की स्थापना के लिए वांछित पूंजीगत व्यय की पूर्ति, कार्यशील पूंजी की आवश्यकताओं और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों की पूर्ति हेतु एनएसई इमर्ज प्लेटफार्म पर आईपीओ लाया जा रहा है। बिजनेस रेमेडीज की टीम ने कंपनी के प्रोस्पेक्ट्स से कंपनी की कारोबारी गतिविधियों के संबंध में जानकारी हासिल की है।
कारोबारी गतिविधियां: 1989 में निगमित, निकिता पेपर्स लिमिटेड कागज और कागज उत्पादों के निर्माण में लगी हुई है। कंपनी औद्योगिक, वाणिज्यिक और मुद्रण अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्त कागज ग्रेड की एक श्रृंखला का उत्पादन करने में माहिर है। कंपनी आमतौर पर पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ उत्पादन प्रक्रियाओं पर ध्यान केंद्रित करती है, अक्सर अपने निर्माण में पुनर्नवीनीकरण सामग्री को शामिल करती है। एक मजबूत वितरण नेटवर्क के साथ, निकिता पेपर्स लिमिटेड घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में सेवा प्रदान कर रही है और कंपनी गुणवत्ता, स्थिरता बनाए रखने का प्रयास भी गंभीरता से कर रही है। अपने आकार और संचालन के आधार पर, निकिता पेपर्स लिमिटेड पैकेजिंग, टिशू पेपर या विशेष पेपर उत्पादों जैसे वर्टिकल में भी शामिल हो सकता है।
उत्पाद: कंपनी क्राफ्ट पेपर प्रदान करती है, जो 80-200 जीएसएम तक का एक टिकाऊ पैकेजिंग समाधान है, जो रैपिंग, बैग, कुशनिंग और विभिन्न पर्यावरण-अनुकूल और रचनात्मक अनुप्रयोगों के लिए आदर्श है। कंपनी शत-प्रतिशत वेस्ट पेपर इस्तेमाल में लेती है। वर्ष 2014 से कंपनी जेडएलडी का संचालन कर रही है और शत-प्रतिशत वेस्ट वाटर की रीसाइक्लिंग कर रही है। कंपनी आईडीएफ और बायोमास पर आधारित 3.5 मेगावाट का पावर प्लांट संचालित कर रही है और इसके अलावा कंपनी 1.5 मेगावाट क्षमता का रूफटॉप सोलर एनर्जी प्लांट भी संचालित कर रही है। जबकि कंपनी को परिचालन के लिए 9 मेगावाट पावर की आवश्यकता रहती है। उत्तर प्रदेश के शामली में कंपनी की निर्माण इकाई स्थापित है और इसकी निर्माण क्षमता 1,33,000 एमटीपीए प्रतिवर्ष है। कंपनी को देश के 14 राज्यों से ग्राहक आधार मिल रहा है और कंपनी मुख्य रूप से पैकेजिंग और एफएमसीजी सेक्टर में उत्पादों की आपूर्ति कर रही है।
अनुभवी प्रबंधन :
कंपनी प्रवर्तक 65 वर्षीय अशोक कुमार बंसल निकिता पेपर्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक के रूप में कार्य करते हैं। उन्हें पेपर उद्योग में 40 वर्षों का अनुभव है। उनकी भूमिकाओं में बिक्री और विपणन, नेतृत्व और निर्णय लेना शामिल है। वे निकिता पेपर्स लिमिटेड और एलायंस फाम्र्स एंड एग्रीकल्चर लिमिटेड में निदेशक भी हैं। उनके कौशल में पेपर उद्योग को समझना, निर्णय लेना और नेतृत्व करना शामिल है।
43 वर्षीय आयुष बंसल निकिता पेपर्स लिमिटेड के पूर्णकालिक निदेशक के रूप में कार्य करते हैं। उन्हें कागज और वन उत्पाद उद्योग में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है। बातचीत, प्रबंधन, रणनीतिक योजना, व्यवसाय विकास और व्यावसायिक रणनीति में उनके कौशल ने कंपनी की सफलता में सहायता की है। आयुष के पास फोर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से फाइनेंस पर विशेष ध्यान केंद्रित करने के साथ व्यवसाय प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा है। उनके नेतृत्व में 2004 से 2024 तक कागज उद्योग में कंपनी ने सफलता में नए आयाम स्थापित किए हैं और उन्होंने कंपनी के विकास में अहम योगदान देते हुए विकास और नवाचार के माध्यम से कंपनी का मार्गदर्शन किया है।
67 वर्षीय सुधीर कुमार बंसल निकिता पेपर्स लिमिटेड में अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें पेपर उद्योग, विनिर्माण और संयंत्र प्रबंधन में 40 वर्षों का अनुभव है। वे अपने नेतृत्व कौशल और निर्णय लेने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। निकिता पेपर्स लिमिटेड में वे कंपनी का मार्गदर्शन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे निकिता पेपर्स लिमिटेड और एलायंस फाम्र्स एंड एग्रीकल्चर लिमिटेड में निदेशक भी हैं। पेपर उद्योग की अपनी समझ के लिए जाने जाने वाले सुधीर बंसल कंपनी को रणनीतिक अंतर्दृष्टि और नेतृत्व प्रदान करते हैं।
वित्तीय प्रदर्शन: वित्त वर्ष 2022 में कंपनी ने 356.41 करोड़ रुपए का राजस्व एवं 6.95 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ, वित्त वर्ष 2023 में कंपनी ने 398.33 करोड़ रुपए का राजस्व एवं 8.64 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ, वित्त वर्ष 2024 में कंपनी ने 338.60 करोड़ रुपए का राजस्व और 16.59 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है। वित्त वर्ष 2025 में 31 दिसंबर 2024 तक की अवधि में कंपनी ने 265.13 करोड़ रुपए का राजस्व और 15.68 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है। वित्तीय परिणामों से स्पष्ट है कि कंपनी साल दर साल अच्छे वित्तीय परिणाम प्रस्तुत कर रही है। वित्त वर्ष 2025 में 31 दिसंबर 2024 तक की अवधि में कंपनी ने 5.76 फीसदी का कर पश्चात शुद्ध लाभ मार्जिन अर्जित किया है। कंपनी का कर्ज इक्विटी अनुपात 0.45 है और इस आधार पर कहा जा सकता है कि कंपनी पर कर्ज भार अधिक नहीं है।
IPO की जानकारी: ‘निकिता पेपर्स लिमिटेड’ का आईपीओ एनएसई इमर्ज प्लेटफार्म पर 27 मई को खुलकर 29 मई 2025 को बंद होगा। कंपनी द्वारा बुक बिल्ट इश्यू प्रणाली से 10 रुपए फेसवैल्यू के 64,94,400 शेयर 95 रुपए से 104 रुपए प्रति शेयर के भाव पर जारी कर 67.54 करोड़ रुपए जुटा रही है। आईपीओ का मार्केट लॉट साइज 1200 शेयरों का है। आईपीओ का प्रबंधन प्रमुख लीड मैनेजर कंपनी फास्ट ट्रैक फिनसेक प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है।
नोट: यह लेख निवेश सलाह नहीं है।

