प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेरिस में कई प्रमुख वैश्विक कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और उद्योग जगत के नेताओं से मुलाकात कर भारत के तेजी से विकसित हो रहे नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, विनिर्माण और आधारभूत संरचना क्षेत्र में मौजूद विशाल अवसरों को रेखांकित किया। फ्रांस के एवियां में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में सफल बैठकों के बाद प्रधानमंत्री मोदी पेरिस पहुंचे, जहां भारतीय समुदाय ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्षेत्र की अग्रणी कंपनी मिस्त्राल एआई के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी आर्थर मेंश से मुलाकात की। इस दौरान भारत के बढ़ते कृत्रिम बुद्धिमत्ता पारिस्थितिकी तंत्र और तकनीकी विकास की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। आर्थर मेंश ने भारत के साथ सहयोग बढ़ाने तथा भारतीय कंपनियों के साथ साझेदारी कर नवाचार को गति देने और कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्षमताओं का विस्तार करने में गहरी रुचि व्यक्त की। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने रेल परिवहन और गतिशीलता समाधान क्षेत्र की प्रमुख कंपनी आल्स्टॉम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्टिन सियोन से भी मुलाकात की। बातचीत का मुख्य केंद्र भारत में रेल आधुनिकीकरण और परिवहन क्षेत्र में उभरते अवसर रहे। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में आल्स्टॉम के महत्वपूर्ण निवेश और विनिर्माण इकाइयां रोजगार सृजन के साथ-साथ देश के रेल क्षेत्र को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। वहीं मार्टिन सियोन ने भारत में कंपनी के विस्तार और नए निवेश की योजनाओं की जानकारी दी।
निर्माण सामग्री क्षेत्र की प्रमुख कंपनी सेंट-गोबेन के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी बेनोइट बाजिन के साथ हुई बैठक में टिकाऊ विकास और निर्माण सामग्री उद्योग में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में सेंट-गोबेन की मजबूत उपस्थिति और निवेश से भारतीय युवाओं के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं। बेनोइट बाजिन ने भी भारत में अतिरिक्त निवेश और कारोबार विस्तार की योजनाओं को साझा किया। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-फ्रांस संबंधों को पृथ्वी के विकास और वैश्विक प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच मजबूत होती साझेदारी केवल दोनों देशों के लिए ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए लाभकारी है। पेरिस पहुंचने के बाद उन्होंने भारतीय समुदाय के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि प्रवासी भारतीय दोनों देशों को और अधिक निकट लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
पेरिस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी यूरोप के सबसे बड़े प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलनों में से एक VivaTech 2026 को संबोधित करेंगे। इस मंच पर भारत की तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था, नवाचार क्षमता और तकनीकी उपलब्धियों को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री भारतीय समुदाय के एक विशेष कार्यक्रम में भी भाग लेंगे, जहां प्रवासी भारतीयों के योगदान और भारत-फ्रांस संबंधों को मजबूत बनाने में उनकी भूमिका पर चर्चा होगी। भारत सरकार का मानना है कि ऐसे उच्चस्तरीय संवादों से वैश्विक कंपनियों का भारत में विश्वास और मजबूत होगा, जिससे निवेश, रोजगार, तकनीकी सहयोग और विनिर्माण क्षेत्र को नई गति मिलेगी। पेरिस में हुई ये बैठकें भारत को वैश्विक निवेश और नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।

