जयपुर | Mukka Proteins Limited ने बेंगलुरु में संचालित अपनी ब्लैक सोल्जर फ्लाई (BSF) आधारित नगरपालिका गीले अपशिष्ट प्रसंस्करण परियोजना में एक अहम उपलब्धि दर्ज की है। कंपनी का 300 टन प्रतिदिन (TPD) क्षमता वाला BSF आधारित गीला अपशिष्ट प्रसंस्करण संयंत्र अब वेरा रजिस्ट्री में परियोजना आईडी 5893 के अंतर्गत औपचारिक रूप से सूचीबद्ध हो गया है। इस सूचीबद्धता के साथ परियोजना वेरा के सत्यापित कार्बन मानक (Verified Carbon Standard – VCS) कार्यक्रम के तहत सत्यापित कार्बन यूनिट जारी करने की प्रक्रिया में प्रवेश कर चुकी है।
कंपनी के अनुसार, यह परियोजना बेंगलुरु सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटेड के साथ पंजीकृत है और शहरी गीले कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के माध्यम से महत्वपूर्ण पर्यावरणीय लाभ प्रदान कर रही है। BSF तकनीक के जरिए जैविक अपशिष्ट को उपयोगी उत्पादों में परिवर्तित किया जाता है, जिससे लैंडफिल पर निर्भरता कम होती है और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आती है।
कार्बन क्रेडिट पंजीकरण की दिशा में परियोजना अब अनिवार्य 30-दिवसीय सार्वजनिक टिप्पणी अवधि में प्रवेश कर चुकी है, जो वेरा के कार्बन क्रेडिट पंजीकरण कार्यप्रवाह का एक महत्वपूर्ण चरण है। इस अवधि के पूरा होने के बाद मान्यता प्राप्त सत्यापन एजेंसी द्वारा स्थल पर मूल्यांकन किया जाएगा और अंतिम सत्यापन रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके पश्चात VCS पंजीकरण चक्र को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।
वर्तमान में सत्यापित कार्बन यूनिट की पात्रता केवल 300 TPD की परिचालन सुविधा तक सीमित है, जिसके लिए निर्धारित कार्यप्रणाली के अनुसार निगरानी और सत्यापन गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया कि 1,000 TPD तक क्षमता विस्तार के लिए पहले से स्वीकृत मार्ग उपलब्ध है, जिससे भविष्य में इस मंच का व्यापक उपयोग संभव हो सकेगा।
इस अवसर पर Mukka Proteins Limited के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक कलांदन मोहम्मद हारिस ने कहा कि बेंगलुरु स्थित BSF परियोजना का वेरा रजिस्ट्री में सूचीबद्ध होना कंपनी के कार्बन क्रेडिट रोडमैप में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि चक्रीय अर्थव्यवस्था आधारित समाधानों, जलवायु-अनुकूल अपशिष्ट प्रबंधन और सतत विविधीकरण के माध्यम से दीर्घकालिक मूल्य सृजन के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करती है।
कंपनी का मानना है कि वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन और कार्बन क्रेडिट सृजन का संयोजन न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देता है, बल्कि आर्थिक स्थिरता की दिशा में भी एक प्रभावी मॉडल प्रस्तुत करता है।

