Sunday, July 5, 2026 |
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Middle East युद्ध से खट्टे हुए अंगूर

भारत के फल निर्यात पर गंभीर संकट, एक्सपोर्टरों को भारी नुकसान

by Business Remedies
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Business Remedies/जयपुर/नई दिल्ली। Middle East में जारी युद्ध (Iran-America-Israel संघर्ष) ने भारत के फल निर्यात-खासतौर पर अंगूर और केले के निर्यात को गंभीर संकट में डाल दिया है। Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही लगभग ठप होने से निर्यात श्रृंखला टूट गई है और Mumbai सहित कई बंदरगाहों पर कंटेनर फंस गए हैं या वापस लौट रहे हैं। Middle East युद्ध ने भारत के कृषि निर्यात-विशेषकर अंगूर को गंभीर झटका दिया है। कंटेनरों का फंसना, मार्ग अवरुद्ध होना और बढ़ती लागत ने पूरे supply chain को प्रभावित किया है। यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो नुकसान किसानों से लेकर निर्यातकों तक और बढ़ सकता है।

सप्लाई चेन टूटी
Mumbai के Jawaharlal Nehru Port Authority पर सैकड़ों कंटेनर फंसे हैं। कई shipping कंपनियों ने Middle East के लिए सेवाएं रोक दी हैं। इस कारण कंटेनर वापस बुलाए जा रहे हैं। अंगूर, केला, प्याज और अन्य फल-सब्जियों के कंटेनर या तो बंदरगाह पर रुके हैं या बीच रास्ते में फंस गए हैं।

अंगूर एक्सपोर्ट पूरी तरह प्रभावित
खाड़ी देशों के लिए भारतीय अंगूर का निर्यात लगभग ठप हो गया है। करीब 15,000 टन अंगूर निर्यात के लिए तैयार होकर फंस गया है। Maharashtra के cold storage भर चुके हैं। इससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। इसी प्रकार केला और अन्य जल्द खराब होने वाले उत्पादों के कंटेनर समुद्री मार्ग में फंसे हैं। लंबी देरी (10-15 दिन अतिरिक्त) के कारण माल खराब होने का खतरा बढ़ गया है।

होर्मुज मार्ग में फंसे कंटेनर
युद्ध के कारण Persian Gulf और Hormuz मार्ग पर जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट आई है। कई जहाज रास्ते में रुक गए या वापस लौट गए। भारत के कई tanker और cargo जहाज भी इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं।

वॉर रिस्क सरचार्ज से बढ़ा नुकसान
shipping insurance और war risk surcharge कई गुना बढ़ गया है। एक कंटेनर पर अतिरिक्त 1200-2400 डॉलर (करीब 1-2 लाख) तक लागत बढ़ी है। इससे छोटे और मध्यम निर्यातकों के लिए व्यापार घाटे में चला गया है।

व्यापारियों और किसानों की परेशानी
निर्यात रुकने से किसानों को मंडियों में कम दाम मिल रहे हैं। cold storage लागत बढ़ रही है। विदेशी खरीदार नए ऑर्डर रोक रहे हैं। इस वजह से कई व्यापारियों को करोड़ों रुपए का नुकसान हो चुका है।

किन उत्पादों पर सबसे ज्यादा असर?

  1. अंगूर
  2. केला
  3. आम pulp
  4. चावल
  5. मसाले और सब्जियां

इन उत्पादों का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों को जाता है, इसलिए संकट का सीधा असर पड़ा है।

  • Maharashtra से बड़ी मात्रा में अंगूर का निर्यात होता है। वर्तमान में अंगूर के दामों में कोई गिरावट नहीं है। इसका प्रमुख कारण इस बार अंगूर की फसल का कम होना है। भारत से सबसे ज्यादा अंगूर Dubai export होता है। Rajasthan में इसका कोई effect नहीं है। युद्ध से अंगूर के दामों में कोई गिरावट नहीं है।
  • Kailash Phatak, अध्यक्ष, Jaipur Fruit Wholesale Traders Association, Muhana Mandi


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