बिजऩेस रेमेडीज/अहमदाबाद
मैरिंगो सीआईएमएस हॉस्पिटल अहमदाबाद ने विश्व अल्ज़ाइमर दिवस के उपलक्ष्य में लोगों के बीच बड़े पैमाने पर जागरूकता फैलाने की हिमायत की, ताकि इस बीमारी से जुड़े कलंक के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया जा सके और इसके बारे में खुले तौर पर जानकारी उपलब्ध कराई जा सके। दुनिया विश्व अल्ज़ाइमर दिवस मनाने की तैयारी कर रही है, और इस मौके पर अस्पताल ने ग्लोबल कम्युनिटी के साथ मिलकर अल्ज़ाइमर से पीडि़त लोगों और उनके परिवारों के बीच जागरूकता बढ़ाने और उन्हें सहारा देने का बीड़ा उठाया है।
अल्ज़ाइमर एक ऐसी बीमारी है जो दिमाग पर धीरे-धीरे असर डालती है और इंसान की याददाश्त तथा सोच-समझकर काम करने की क्षमता को कमज़ोर बना देती है। यह बुजुर्गों में डिमेन्शिया का सबसे बड़ा कारण है और दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रभावित करता है। हालाँकि इसका कोई इलाज नहीं है, लेकिन इसके बारे में जागरूकता बढ़ाने और रोकथाम के उपायों को अपनाने से सार्थक प्रभाव पड़ सकता है। मस्तिष्क में कुछ खास तरह के प्रोटीन के जमा होने पर अल्ज़ाइमर होता है, जिससे प्लाक और टेंगल्स नामक संरचनाएँ बन जाती हैं। इससे नर्व सेल्स, यानी तंत्रिका कोशिकाओं के बीच संपर्क टूट जाता है और अंत में ये कोशिकाएँ मर जाती हैं और मस्तिष्क में मौजूद टिश्यू नष्ट होने लगते हैं। याददाश्त का कमज़ोर होना अल्ज़ाइमर रोग का सबसे मुख्य लक्षण है।

