नई दिल्ली: मारुति सुज़ुकी ने गुरुवार को भारत की पहली फ्लेक्स-फ्यूल यात्री कार वैगनआर फ्लेक्स-फ्यूल पेश की। यह देश में वैकल्पिक और स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच यह पहल भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करने के प्रयासों को मजबूती देगी।
नई वैगनआर फ्लेक्स-फ्यूल कार E-20 से लेकर E-100 तक के एथेनॉल-पेट्रोल मिश्रण पर चल सकती है। इसके साथ ही यह भारत की पहली बड़े पैमाने पर उपलब्ध यात्री कार बन गई है, जिसे 100 प्रतिशत एथेनॉल पर संचालन के लिए विकसित किया गया है।कंपनी ने कहा कि यह पहल परिवहन क्षेत्र में जैव-ईंधन के उपयोग को बढ़ाने और पारंपरिक पेट्रोल पर निर्भरता कम करने की राष्ट्रीय रणनीति के अनुरूप है। सरकार लंबे समय से स्वदेशी और पर्यावरण-अनुकूल ईंधनों को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है, जिससे प्रदूषण में कमी के साथ-साथ विदेशी मुद्रा की भी बचत हो सके।
इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि सरकार स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने जानकारी दी कि सरकार वैकल्पिक ईंधन नीति के तहत 15 प्रतिशत आइसोब्यूटेनॉल मिश्रित डीजल को भी बढ़ावा देने की योजना पर काम कर रही है। नितिन गडकरी ने मारुति सुज़ुकी इंडिया लिमिटेड और हीरो मोटोकॉर्प जैसी वाहन कंपनियों से पुराने वाहनों को फ्लेक्स-फ्यूल अनुकूल बनाने की दिशा में कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ऐसे वाहनों को अधिक कड़े उत्सर्जन मानकों, जिनमें यूरो 6 मानक भी शामिल हैं, के अनुरूप बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस तरह के कदम वायु प्रदूषण को कम करने में मदद करेंगे और पुराने तथा अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सड़कों से हटाने के लिए चलाए जा रहे वाहन स्क्रैपिंग कार्यक्रम को भी समर्थन मिलेगा। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सड़क सुरक्षा में भी सुधार होगा। कार्यक्रम के दौरान नितिन गडकरी ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की प्रगति में वाहन उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बताया कि भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा वाहन उद्योग बन चुका है और सकल घरेलू उत्पाद में इसका उल्लेखनीय योगदान है।
मारुति सुज़ुकी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हिसाशी ताकेउची ने कहा कि कंपनी संपीड़ित जैव-गैस परियोजनाओं में निवेश कर रही है। इसके अलावा हाइड्रोजन ईंधन जैसी अन्य स्वच्छ प्रौद्योगिकियों पर भी सक्रिय रूप से काम किया जा रहा है ताकि भविष्य में पर्यावरण-अनुकूल परिवहन समाधान उपलब्ध कराए जा सकें। कंपनी के विपणन एवं बिक्री विभाग के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी पार्थो बनर्जी ने कहा कि पिछले वित्त वर्ष में उद्योग में बिके कुल हरित वाहनों में लगभग आधी हिस्सेदारी मारुति सुज़ुकी की रही। उन्होंने कहा कि कंपनी स्वच्छ गतिशीलता के क्षेत्र में अपने उत्पाद पोर्टफोलियो का लगातार विस्तार कर रही है और उपभोक्ताओं को अधिक पर्यावरण-अनुकूल विकल्प उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

